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Hirakud Dam has been constructed across the river / हीराकुंड बांध नदी पर बनाया गया है

Hirakud Dam has been constructed across the river / हीराकुंड बांध नदी पर बनाया गया है

 

(1) Ganga / गंगा
(2) Mahanadi / महानदी
(3) Kaveri / कावेरी
(4) Brahmaputra / ब्रह्मपुत्र

(SSC Combined Matric Level (PRE) Exam. 24.10.1999)

Answer / उत्तर : – 

(2) Mahanadi / महानदी

Explanation / व्याख्यात्मक विवरण :-

Hirakud Dam is built across the Mahanadi River, about 15 km from Sambalpur in the state of Orissa in India. Built in 1957, the dam is one of the world’s longest earthen dam.

Hirakud Dam is a dam built on the Mahanadi river in Odisha. It is 15 km away from Sambalpur. Built in 1957 on the Mahanadi, this dam is the largest and longest dam in the world. Its total length is 25.8 km. Behind this dam is a huge reservoir which is the largest artificial lake in Asia.

This project is one of the few early projects started in India. On the left is the main dam from Lamdungri hill to Chandili hill, 4.8 km away. It has two observation towers on either side, Gandhi Minar and Nehru Minar. The coastline of its reservoir is 639 km long. The soil, concrete and other materials used to build this dam could have made a road about eight meters wide from Kashmir to Kanyakumari and Amritsar to Dibrugarh. The lake of Hirakud is the largest man-made lake in Asia. The length of this dam is 4801 meters, in which 810 crore cubic meters of water is stored. Its purpose is flood control and power generation.

This dam is the largest and longest dam in the world. Apart from Hirakud, there are two more dams in existence on the Hirakud project.

1- Tikkarpada Dam 2- Angry Dam

हीराकुंड बांध भारत में उड़ीसा राज्य में संबलपुर से लगभग 15 किमी दूर महानदी पर बनाया गया है। 1957 में बना यह बांध दुनिया के सबसे लंबे मिट्टी के बांधों में से एक है।

हीराकुण्ड बाँध ओडीसा में महानदी पर निर्मित एक बाँध है। यह सम्बलपुर से 15 किमी दूर है। 1957 में महानदी पर निर्मित यह बाँध संसार का सबसे बड़ा एवं लंबा बांध है। इसकी कुल लम्बाई 25.8 किमी० है। इस बाँध के पीछे विशाल जलाशय है जो एशिया का सबसे बड़ा कृत्रिम झील है।

यह परियोजना भारत में शुरू की गयी कुछ आरम्भिक परियोजनाओं में से एक है। बाईं ओर लामडूंगरी पहाड़ी से लेकर 4.8 किमी० दूर चंदीली पहाड़ी तक मुख्य बाँध है। इसके दोनों तरफ दो अवलोकन मीनार हैं, गाँधी मीनार व नेहरू मीनार। इसके जलाशय की तट रेखा 639 किमी० लम्बी है। इस बाँध को बनाने में इस्तेमाल हुए मृदा, कंक्रीट व अन्य सामग्री से कश्मीर से कन्याकुमारी तथा अमृतसर से डिब्रूगढ़ तक करीब आठ मीटर चौड़ी सड़क बनाई जा सकती थी। हीराकुण्ड की झील एशिया की सबसे बड़ी मानवनिर्मित झील है। इस बांध की लंबाई 4801मीटर है जिसमे 810 करोड़ घन मीटर जल संचित होता है। इसका उद्देश्य बाढ़ नियंत्रण एवं विद्युत उत्पादन करना है।

यह बांध विश्व का सबसे बड़ा एवं लंबा बांध है। हीराकुंड परियोजना पर हीराकुंड के अलावा दो और बांध उपस्थिति हैं।

1- टिक्करपाड़ा बांध 2- नाराज बांध

 

 

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