Geography | GK | GK MCQ

India recently signed land boundary agreement with which country? / भारत ने हाल ही में किस देश के साथ भूमि सीमा समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं?

India recently signed land boundary agreement with which country? / भारत ने हाल ही में किस देश के साथ भूमि सीमा समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं?

 

(1) China / चीन
(2) Nepal / नेपाल
(3) Bhutan / भूटान
(4) Bangladesh / बांग्लादेश

(SSC CGL Tier-I (CBE) Exam. 27.08.2016)

Answer / उत्तर : –

(4) Bangladesh / बांग्लादेश

Explanation / व्याख्यात्मक विवरण :-

India and Bangladesh, on 6 June 2015, signed pact to operationalise the historic Land Boundary Agreement (LBA) between both nations. The operationalisation of LBA paves the way for exchange of 162 enclaves under the control of either countries as per the 1974 pact.

When Bangladesh became independent after the war with Pakistan in 1971, the boundaries between the two countries could not be clearly demarcated. Three years later, that is, in 1974, a boundary agreement was signed between Indira Gandhi and Mujib ur Rehman. Under this, 5 states of India West Bengal, Assam, Meghalaya, Tripura and parts of Mizoram are to be handed over to Bangladesh. In return, some parts from Bangladesh are going to join India. Recently this bill was passed in both the houses of the Parliament. Since it is a Constitutional Amendment Bill, it will also require approval of at least half the state legislatures. Since p. Bengal, Assam, Meghalaya, Tripura and Mizoram have no objection to this, so there will be no problem in implementing the bill.

What is to be exchanged?

Under the agreement, India will give 17160 acres of land in 111 enclaves to Bangladesh. In return, we will get 7110 acres of land in 51 enclaves. 51 thousand people will be resettled on both sides of the border. Of the 51 enclaves (villages) that India will get under this agreement, 4 are in Jalaipaiguri and 47 in Cooch Behar. At the same time, out of the 111 enclaves of India that Bangladesh will get, 36 are in Panchagarh, four in Nilfmadi, 59 in Lalmonirhat and 12 in Kurigram. The recent census revealed that 51,549 people live in these 162 villages. There are about 37,334 people in the 111 enclaves in India, while the population of 51 Bangladeshi villages is 14,215.

India-Bangladesh issued a joint statement.

PM Modi said that we are facing similar problems. Resolving the land dispute is a historic success. Religion and culture connect the two countries. India will enhance relations with Bangladesh through rail, river and sea. Both the countries will benefit from the border agreement. Bangladesh will benefit from investment in India. Security cooperation between the two countries will increase. New possibilities will be explored in the field of economy. Naturally we are shared partners of nature.

PM Modi thanked Bangladesh and Sheikh Hasina for their warm welcome. Nice to visit the neighboring country. With the start of the bus service, the people-to-people contact between the two countries will increase. Thank you Mamta Banerjee for your support. I wish Bangladesh a bright future. Together, both India and Bangladesh will move forward on the path of development. We have an emotional relationship with Bangladesh. The land agreement is a sign of the maturity of our relationship.

The Prime Minister of Bangladesh said that many important issues were discussed with PM Modi. PM Modi’s visit has instilled new confidence in mutual relations. Praising PM Modi, Hasina said that we have to develop in every field. India’s contribution in the liberation struggle of Bangladesh. Bangladesh PM said that her country will not tolerate terrorism. Talks were held with PM Modi on issues related to rivers and border.

161 enclaves have been exchanged between the two countries. 111 border enclaves were transferred to Bangladesh while 51 enclaves would become part of India. Under this agreement, India will get 500 acres of land while Bangladesh will get 10 thousand acres. With this agreement, the question of citizenship of 50 thousand people will also be resolved.

India and Bangladesh share a 4,096 km long border and this issue was a major hindrance in the relations between the two countries.

* Agreement was reached on the 41-year-old border dispute between India and Bangladesh. India will give about 17 thousand acres of land to Bangladesh. Bangladesh will give about 7 thousand acres of land to India. A land swap was agreed between the two countries.

भारत और बांग्लादेश ने 6 जून 2015 को दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक भूमि सीमा समझौते (LBA) के संचालन के लिए समझौते पर हस्ताक्षर किए। एलबीए का संचालन 1974 के समझौते के अनुसार किसी भी देश के नियंत्रण में 162 परिक्षेत्रों के आदान-प्रदान का मार्ग प्रशस्त करता है।

जब 1971 में पाकिस्तान से जंग के बाद बांग्लादेश आजाद हुआ तो दोनों देशों के बीच सीमाएं साफ तौर पर तय नहीं हो सकी थीं। तीन साल बाद यानी 1974 में इंदिरा गांधी और मुजीब उर रहमान के बीच सीमा समझौता हुआ। इसके तहत भारत के 5 राज्यों पश्चिम बंगाल, असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिजोरम के कुछ हिस्सों को बांग्लादेश को सौंपा जाना है। बदले में बांग्लादेश से कुछ हिस्से भारत में शामिल होने वाले हैं। हाल ही में संसद के दोनों सदनों में यह बिल पारित हो गया। चूंकि यह संविधान संशोधन विधेयक है, इसलिए कम से कम आधे राज्यों की विधानसभा से भी इस बिल को मंजूरी की जरूरत होगी। चूंकि प. बंगाल, असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिजोरम को इस पर आपत्ति नहीं है, इसलिए बिल को अमल में लाने में दिक्कत नहीं होगी।

क्या होनी है अदला-बदली?

समझौते के तहत भारत 111 अंदरूनी क्षेत्रों (एनक्लेव्स) की 17160 एकड़ जमीन बांग्लादेश को देगा। बदले में हमें 51 एनक्लेव्स की 7110 एकड़ जमीन मिलेगी। 51 हजार लोगों का सीमा के दोनों ओर पुनर्वास होगा। इस समझौते के तहत भारत को जो 51 एन्कलेव (गांव) मिलने वाले हैं, उनमें 4 जलाईपाईगुड़ी और 47 कूच बिहार में हैं। वहीं, जो भारत के 111 एन्कलेव बांग्लादेश को मिलेंगे, उनमें 36 पंचागढ़, चार निलफमडी, 59 लालमोनिरहट और 12 कुरीग्राम में हैं। हाल में की गई जनगणना में पता चला कि इन 162 गांव में 51, 549 लोग रहते हैं। भारत में मौजूद 111 एनक्लेव्स में करीब 37,334 लोग करते हैं, जबकि 51 बांग्लादेशी गांवों में जनसंख्या 14,215 है।

-भारत-बांग्लादेश ने साझा बयान जारी किया।

-पीएम मोदी ने कहा कि हम एक जैसी समस्याओं का सामना कर रहे हैं। जमीन विवाद को सुलझाना एक ऐतिहासिक कामयाबी है। धर्म और संस्कृति दोनों देशों को जोड़ते हैं। भारत रेल, नदी और समुद्र के जरिए बांग्लादेश के साथ संबंध बढ़ाएगा। सीमा समझौते से दोनों देशों को फायदा होगा। भारत में निवेश से बांग्लादेश को फायदा होगा। दोनों देशों में सुरक्षा सहयोग बढ़ेगा। अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में नए संभावनाओं की तलाश होगी। प्राकृतिक रूप से हम प्रकृति के साझा साझेदार हैं।

-पीएम मोदी ने अपने शानदार स्वागत के लिए बांग्लादेश और शेख हसीना को धन्यवाद दिया। पड़ोसी देश आने पर अच्छा लगा। बस सेवा की शुरुआत हो जाने से दोनों देशों के लोगों के बीच संपर्क बढ़ेगा। ममता बनर्जी के सहयोग के लिए शुक्रिया। मैं बांग्लादेश के सुनहरे भविष्य की कामना करता हूं। भारत और बांग्लादेश दोनों साथ मिलकर विकास के रास्ते पर आगे बढ़ेंगे। बांग्लादेश के साथ हमारा भावनात्मक रिश्ता है। भूमि समझौता हमारे रिश्तों की परिपक्वता का प्रतीक है।

-बांग्लादेश की प्रधानमंत्री ने कहा कि पीएम मोदी के साथ कई अहम मुद्दों पर बातचीत हुई। पीएम मोदी की यात्रा आपसी रिश्तों में नया भरोसा जगा है। हसीना ने पीएम मोदी की तारीफ करते हुए कहा कि हमें प्रत्येक क्षेत्र में विकास करना है। बांग्लादेश के मुक्ति संग्राम में भारत का योगदान है। बांग्लादेश की पीएम ने कहा कि उनका देश आतंकवाद को बर्दाश्त नहीं करेगा। पीएम मोदी के साथ नदियों और सीमा से जुड़े मुद्दों पर बातचीत हुई।

-दोनों देशों के बीच 161 एनक्लेवों का आदान-प्रदान किया गया है। बांग्लादेश को 111 सीमाई एनक्लेव हस्तांतरित किये गए जबकि 51 एनक्लेव भारत का हिस्सा बनेंगे। इस समझौते के तहत भारत को 500 एकड़ भूमि प्राप्त होगी जबकि बांग्लादेश को 10 हजार एकड़ जमीन मिलेगी। इस समझौते से 50 हजार लोगों की नागरिकता का सवाल भी सुलझ जायेगा।

-भारत और बांग्लादेश के बीच 4,096 किलोमीटर लम्बी सीमा लगती है और यह मुद्दा दोनों देशों के संबंधों में एक बड़ा अड़चन बना हुआ था।

* भारत-बांग्लादेश के बीच 41 साल पुराने सीमा विवाद पर समझौता हुआ। भारत करीब 17 हजार एकड़ जमीन बांग्लादेश को देगा। बांग्लादेश करीब 7 हजार एकड़ जमीन भारत को देगा। दोनों देशों के बीच जमीन अदला-बदली पर सहमति बनी।

Similar Posts

Leave a Reply