Geography | GK | GK MCQ

It forms the bed-rock of all industrial activities and is considered “mother industry”. / यह सभी औद्योगिक गतिविधियों की आधारशिला है और इसे “मदर इंडस्ट्री” माना जाता है।

It forms the bed-rock of all industrial activities and is considered “mother industry”. / यह सभी औद्योगिक गतिविधियों की आधारशिला है और इसे “मदर इंडस्ट्री” माना जाता है।

 

(1) Petro-chemical industry / पेट्रो-रसायन उद्योग
(2) Cement industry / सीमेंट उद्योग
(3) Iron and Steel industry / लोहा और इस्पात उद्योग
(4) Fertilizer industry / उर्वरक उद्योग

(SSC Combined Matric Level (PRE) Exam. 05.05.2002)

Answer / उत्तर : –

(3) Iron and Steel industry / लोहा और इस्पात उद्योग

 

भारत में लोहा और इस्पात उद्योग - विकिपीडिया

 

Explanation / व्याख्यात्मक विवरण :-

Industrialization, in its crudest meaning, entails iron and steel industry. This industry formed the foundation of the Industrial Revolution in England and the later dissemination to other countries. It is one of the most essential industries which propel industrial development.

Iron Steel Industry in India – Iron and steel industry is the mother of all other industries in the world. The history of iron and steel industry in India is not very old. It started in India in the last decades of the 19th century. Presently India is the fourth steel producing country in the world.

The country’s first iron factory in India was established in 1874 AD at Kulti (Asansol, West Bengal) in the name of Bengal Iron Works (BIW). Later this company was closed in the price of funds and Bengal government took over it. After this its name was changed to Barakar Iron Works.

Iron steel factory

The country’s first large scale factory was established in 1907 by Jamsetji Tata at a place called Sakchi in Bihar.

Indian iron steel factory

It was established in 1918 AD by P. It was done at a place called Hirapur in Bengal. Production started here in the year 1922. Later the plants located at Kulti, Hirapur, Burnpur were also merged in this.

Mysore Iron and Steel Works –

It was established in 1923 AD at a place called Bhadravati in Karnataka. Now it is known as Visvesvaraya Iron and Steel Company Limited (VISCL).

Steel Corporation of Bengal –

It was established in 1937 in Burnpur (West Bengal). In 1953, it was merged with the Indian Iron and Steel Company.

Bhilai Steel Plant –

It was established in 1955 in Bhilai of Durg district with the help of Soviet Union. Then it used to fall in Madhya Pradesh, now it is in Chhattisgarh.

Hindustan Steel Limited, Raulkela –

It was established in 1955 in Raulkela (Odisha) with the help of West Germany.

Hindustan Steel Limited, Durgapur –

It was established in 1956 with the help of Britain. It was done in Durgapur, Bengal.

Bokaro Steel plant –

It was established in 1968 in Bokaro with the help of the Soviet Union. Then it was located in Bihar, now it is located in Jharkhand.

Steel Authority of India (SAIL) –

SAIL was established on 24 January 1973 by amalgamating Bhilai, Raulkela, Burnpur, Salem, Bokaro, Durgapur, Visvesvaraya Iron and Steel Company Limited.

औद्योगीकरण, अपने कच्चे अर्थ में, लोहा और इस्पात उद्योग को शामिल करता है। इस उद्योग ने इंग्लैंड में औद्योगिक क्रांति की नींव रखी और बाद में अन्य देशों में इसका प्रसार किया। यह सबसे आवश्यक उद्योगों में से एक है जो औद्योगिक विकास को बढ़ावा देता है।

भारत में लौह इस्पात उद्योग (Indian Steel Industry) – लौह इस्पात उद्योग विश्व में अन्य सभी उद्योगों की जननी है। भारत में लौह इस्पात उद्योग का इतिहास ज्यादा पुराना नहीं है। भारत में इसकी शुरुवात 19 वीं शताब्दी के अंतिम दशकों में हुयी। वर्तमान में भारत विश्व का चौथा इस्पात उत्पादक देश है।

भारत में देश का पहला लौह उद्योग कारखाना 1874 ईo में कुल्टी (आसनसोल, पश्चिम बंगाल) में बंगाल आयरन वर्क्स (BIW) के नाम से स्थापित किया गया। बाद में फण्ड के भाव में यह कंपनी बंद हो गयी और बंगाल सरकार ने इसका अधिकरण कर लिया। इसके बाद इसका नाम बदलकर बराकर आयरन वर्क्स कर दिया गया।

लौह इस्पात कारखाना

बड़े पैमाने पर देश का पहला कारखाना 1907 ईo में जमशेदजी टाटा द्वारा बिहार के साकची नामक स्थान पर स्थापित किया गया।

भारतीय लौह इस्पात कारखाना –

इसकी स्थापना 1918 ईo में प. बंगाल के हीरापुर नामक स्थान पर की गयी। सन् 1922 ईo में यहाँ पर उत्पादन शुरू हुआ। बाद में कुल्टी, हीरापुर, बर्नपुर स्थित संयंत्रों को भी इसी में मिला दिया गया।

मैसूर आयरन एण्ड स्टील वर्क्स –

इसकी स्थापना 1923 ईo में कर्नाटक के भद्रावती नामक स्थान पर की गयी। अब इसे विश्वेश्वरैया आयरन एण्ड स्टील कंपनी लिमिटेड (VISCL) के नाम से जाना जाता है।

स्टील कॉर्पोरेशन ऑफ़ बंगाल –

इसकी स्थापना 1937 ईo में बर्नपुर (प. बंगाल) में की गयी थी। 1953 ईo में इसे भारतीय लौह-इस्पात कंपनी में मिला दिया गया।

भिलाई इस्पात संयंत्र –

इसकी स्थापना 1955 ईo में सोवियत संघ की मदद से दुर्ग जिले के भिलाई में की गयी। तब यह मध्य प्रदेश में पड़ता था, अब छत्तीसगढ़ में है।

हिंदुस्तान स्टील लिमिटेड, राउलकेला –

पश्चिमी जर्मनी की सहायता से 1955 ईo में इसकी स्थापना राउलकेला (ओडिशा) में की गयी थी।

हिंदुस्तान स्टील लिमिटेड, दुर्गापुर –

1956 ईo में इसकी स्थापना ब्रिटेन की सहायता से प. बंगाल के दुर्गापुर में की गयी थी।

बोकारो स्टील प्लांट –

इसकी स्थापना 1968 ईo में सोवियत संघ की मदद से बोकारो में की गयी थी। तब यह बिहार में अवस्थित था, अब झारखण्ड में अवस्थित है।

स्टील अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया (SAIL) –

24 जनवरी 1973 ईo को भिलाई, राउलकेला, बर्नपुर, सलेम, बोकारो, दुर्गापुर, विश्वेश्वरैया आयरन एन्ड स्टील कंपनी लिमिटेड को एक कर SAIL की स्थापना की गयी।

Similar Posts

Leave a Reply