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The dispute about the “Mullaperiyar dam” concerns which states? / “मुल्लापेरियार बांध” के बारे में विवाद किस राज्य से संबंधित है?

The dispute about the “Mullaperiyar dam” concerns which states? / “मुल्लापेरियार बांध” के बारे में विवाद किस राज्य से संबंधित है?

 

(1) Karnataka and Tamil Nadu / कर्नाटक और तमिलनाडु
(2) Tamil Nadu ana Kerala / तमिलनाडु अना केरल
(3) Kerala and Karnataka / केरल और कर्नाटक
(4) Andhra Pradesh and Karnataka / आंध्र प्रदेश और कर्नाटक

(SSC Combined Matric Level (PRE) Exam. 21.05.2000)

Answer / उत्तर : – 

(2) Tamil Nadu ana Kerala / तमिलनाडु अना केरल

Explanation / व्याख्यात्मक विवरण :-

 

The Mullaperiyar Dam is a masonry gravity dam on the Periyar River in the Kerala state of India. The control and safety of the dam and the validity and fairness of the lease agreement have been points of dispute between Kerala and Tamil Nadu. 

The Mullaperiyar Dam or Mullaperiyar Dam is a majestic, gravity dam located in the Indian state of Kerala. It is located in Thekkady, Idukki district, in the heart of the Cardamom Hills of the Western Ghats, at an altitude of 881 m (2,890 ft) above sea level. It was built between 1887 and 1895 by John Pennyquick as part of an agreement to provide water to the eastern regions of the Madras Presidency (present-day Tamil Nadu). It has a height of 53.6 m (176 ft) and a length of 365.7 m (1,200 ft) from its base. The Periyar National Park at Thekkady is situated around the reservoir of this dam. The dam is located in Kerala,[1][9] but is operated by Tamil Nadu, while the Periyar River has a catchment area of ​​5398 km2 of which only 114 km2 falls in the state of Tamil Nadu. The entire catchment area of ​​Mullaperiyar Dam falls in Kerala itself. According to some reports, the water level of the dam reached 142 feet on 21 November 2014, which was the highest water level in 35 years. The reservoir again touched a maximum water level of 142 feet on 15 August 2018 which became the major cause of the 2018 Kerala floods.

मुल्लापेरियार बांध भारत के केरल राज्य में पेरियार नदी पर एक चिनाई वाला गुरुत्वाकर्षण बांध है। बांध का नियंत्रण और सुरक्षा और पट्टा समझौते की वैधता और निष्पक्षता केरल और तमिलनाडु के बीच विवाद के बिंदु रहे हैं।

मुल्लापेरियार बांध या मुल्लाईपेरियार बांध भारतीय राज्य केरल स्थित एक राजगीरी, गुरुत्वीय बांध है।यह समुद्र तल से 881 मी॰ (2,890 फीट) की ऊँचाई पर पश्चिमी घाट की इलायची पहाड़ियाँ के मध्य थेक्कादी, इदुक्की जिला में स्थित है। इसका निर्माण 1887 से 1895 के मध्य जॉन पेनीक्विक द्वारा मद्रास प्रेसिडेंसी के पूर्वी क्षेत्रों (वर्तमान में तमिलनाडु) को जल प्रदान करने के एक समझौते के तहत हुआ था। इसकी आधार से 53.6 मी॰ (176 फीट) ऊँचाई तथा लम्बाई 365.7 मी॰ (1,200 फीट) है। थेक्कादी स्थित पेरियार राष्ट्रीय उद्यान इस बांध के जलाशय के चारों ओर स्थित है। बांध केरल में स्थित है,[1][9] मगर इसका संचालन तमिलनाडु द्वारा किया जाता है, जबकि पेरियार नदी का जलग्रहण क्षेत्र 5398 km2 है जिसमे से केवल 114 km2 तमिलनाडु राज्य में पड़ता है। मुल्लापेरियार बांध का ही सम्पूर्ण जलग्रहण क्षेत्र केरल में ही पड़ता है। कुछ रिपोर्टों के अनुसार 21 नवम्बर 2014 को बांध का जलस्तर 142 फीट पहुँच गया जो 35 सालों का सबसे अधिक जलस्तर था। जलाशय ने फिर से 15 अगस्त 2018 को 142 फीट का अधिकतम जलस्तर छू लिया जो 2018 केरल बाढ़ का प्रमुख कारण बना।

 

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