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The largest irrigation canal in India is ________ / भारत में सबसे बड़ी सिंचाई नहर ________ है

The largest irrigation canal in India is ________ / भारत में सबसे बड़ी सिंचाई नहर ________ है

 

(1) Yamuna canal / यमुना नहर
(2) Indira Gandhi canal / इंदिरा गांधी नहर
(3) Sirhand canal / सरहंद नहर
(4) Upper Bari Doab canal / अपर बारी दोआब नहर

(SSC CGL Tier-I (CBE) Exam. 02.09.2016)

Answer / उत्तर : – 

(2) Indira Gandhi canal / इंदिरा गांधी नहर

Explanation / व्याख्यात्मक विवरण :-

The Indira Gandhi Canal is the largest irrigation project India. It starts from the Harike Barrage at Firozpur, below the confluence of the Satluj and Beas rivers in the Indian state of Punjab and terminates in irrigation facilities in the Thar Desert in Rajasthan. It runs through Punjab, Haryana and Rajasthan.

Indira Gandhi Canal is also known as ‘Rajasthan Canal’. It flows in the north-west part of Rajasthan. The ambitious ‘Indira Gandhi Canal Project’ of Rajasthan is bringing miraculous changes in the desert area and has started getting water for irrigation as well as drinking water and industrial works in the desert. Earlier this canal was known as ‘Rajasthan Canal’. Now its new name is ‘Indira Gandhi Canal’. Before the construction of Indira Gandhi Canal, people had to bring drinking water from many miles away, but now 1200 cusecs of water has been reserved only for drinking water industry, army and power projects under the project.

इंदिरा गांधी नहर भारत की सबसे बड़ी सिंचाई परियोजना है। यह भारत के पंजाब राज्य में सतलुज और ब्यास नदियों के संगम के नीचे फिरोजपुर में हरिके बैराज से शुरू होता है और राजस्थान में थार रेगिस्तान में सिंचाई सुविधाओं में समाप्त होता है। यह पंजाब, हरियाणा और राजस्थान से होकर गुजरती है।

इंदिरा गाँधी नहर को ‘राजस्थान नहर’ के नाम से भी जाना जाता है। यह राजस्थान के उत्तर-पश्चिम भाग में बहती है। राजस्थान की महत्वाकांक्षी ‘इंदिरा गाँधी नहर परियोजना’ से मर्यस्थलीय क्षेत्र में चमत्कारिक बदलाव आ रहा है और इससे मरुभूमि में सिंचाई के साथ ही पेयजल और औद्योगिक कार्यों के लिए भी पानी मिलने लगा है। पहले इस नहर को ‘राजस्थान नहर’ के नाम से जाना जाता था। अब इसका नया नाम ‘इंदिरा गाँधी नहर’ है। इंदिरा गाँधी नहर के निर्माण से पूर्व लोगों को कई मील दूर से पीने का पानी लाना पडता था, लेकिन अब परियोजना के अंतर्गत 1200 क्यूसेक पानी केवल पेयजल उद्योग, सेना एवं ऊर्जा परियोजनाओं के लिए आरक्षित किया गया है।

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