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The Visvesvaraya Iron & Steel Ltd. is located at: / विश्वेश्वरैया आयरन एंड स्टील लिमिटेड यहाँ स्थित है:

The Visvesvaraya Iron & Steel Ltd. is located at: / विश्वेश्वरैया आयरन एंड स्टील लिमिटेड यहाँ स्थित है:

 

(a) Bangalore / बैंगलोर
(b) Bhadravati /  भद्रावती
(c) Mangalore / मैंगलोर
(d) Mysore / मैसूर

(SSC CPO Sub-Inspector Exam. 16.12.2007)

Answer / उत्तर : –

(b) Bhadravati /  भद्रावती

 

Visvesvaraya Iron and Steel Ltd. - Steel Dealers in Shimoga - Justdial

 

Explanation / व्याख्यात्मक विवरण :-

Visvesvaraiya Iron and Steel Plant (VISL), A unit of Steel Authority of India Limited, is a company involved in the production of alloy steels and pig iron and located in the city of Bhadravathi, India. It was started as the Mysore Iron Works on January 18, 1923 by Sir M Visvesvaraiya. It is now a steel plant under the jurisdiction of the Steel Authority of India Limited.

Visvesvaraya Iron and Steel Plant (VISL) is located at Bhadravati, 260 km northwest of Bangalore, in the state of Karnataka. The Bhadra river flows on three sides of the factory and the city. The factory is spread over an area of ​​3.8 kms and as on 1st August 2007, 2467 people were working. The steel city is spread over an area of ​​4.5 square kilometres.

The “Mysore Wood Distillation Works” was established in 1918, the real form of vision and dream of Sir M. Visvesvaraya, the then Dewan of Mysore State. In 1962 it became a limited company. It was renamed as Visvesvaraya Iron and Steel Limited (VISL) on 6 February 1976 as a tribute to the great founder. Visvesvaraya was a unique engineer-politician and chose Bhadravati in the jungles of Shimoga as the best place for the factory.

The Mysore Iron Works, which started in the Wood Distillation factory in 1918, started manufacturing cast iron in the coal tar blast furnace in 1923. 60 tonnes of cast iron was produced here daily. A pipe plant was set up here in 1927 to take advantage of the cast iron thus prepared. Production of Mridul Ispat started in 1936 and in the same year the name of the company was changed to Mysore Iron and Steel Works. Production of iron alloys was started in 1942. For this two small furnaces were installed and in 1962 the production capacity was expanded. Mridul Ispat’s production capacity was also expanded in 1965 by installing two LD converters, an electric arc furnace and a blooming and heavy section mill.

The factory was further expanded in 1965 with the addition of an electric arc furnace, a combined bar and rod mill, and a central heat treatment shop, and production of alloy and special steel steel began. Later, in 1977 a modern forge plant was set up to manufacture high alloy steels like high speed steel, tool steel, die block steel and valve steel etc. With this the factory’s alloy and special steel production capacity increased to 77,000 tonnes per year.

In order to improve the quality and quantity of steel, a Vacuum Degassing/Vacuum Oxygen Decarbonization Unit was added in 1983 and a Continuous Casting Unit for Bloom and Billet was added in 1985. The company had a technical agreement for 12 years with a world renowned Austrian company, M/s Böhlers. To further modernize its technology, VISL also leveraged the services of Austria’s Bost Alpine Industrial Service (VAIS). This arrangement was achieved under an agreement between Steel Authority of India Limited (SAIL) and VAIS.

VISL has carved a niche for itself in the country in the field of production of alloys and special steel. It is catering to the needs of critical sectors like Security, Nuclear Power Corporation, Railways etc. VISL has been manufacturing Alloys and Special Steel since 1968 and is rapidly incorporating new technology keeping in mind the need of the times. It has always been a leader in the production of high quality steel in the country.

In line with the long term strategy, VISL in 1995 established a Blast Furnace of 530 m3 capacity for high grade hot metal production by taking full advantage of BF-BOF-LRF-VD route for production of alloys and special steels.

Short and long term modernization proposals are in various stages of consideration to continue to be a major producer of alloys and special steels.

विश्वेश्वरैया आयरन एंड स्टील प्लांट (वीआईएसएल), स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड की एक इकाई, मिश्र धातु स्टील्स और पिग आयरन के उत्पादन में शामिल एक कंपनी है और भारत के भद्रावती शहर में स्थित है। इसे 18 जनवरी, 1923 को सर एम विश्वेश्वरैया द्वारा मैसूर आयरन वर्क्स के रूप में शुरू किया गया था। यह अब स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड के अधिकार क्षेत्र में एक स्टील प्लांट है।

विश्वेश्वरैया आयरन एण्ड स्टील प्लांट (वीआईएसएल) कर्नाटक राज्य में बंगलूरु के उत्तर-पश्चिम में 260 किलोमीटर पर भद्रावती में स्थित है। कारखाने व नगरी के तीन ओर भद्र नदी बहती है। कारखाना 3.8 किलोमीटर क्षेत्र में फैला हुआ है तथा इसमें 1 अगस्त, 2007 को 2467 लोग कार्य कर रहे थे। इस्पात नगरी 4.5 वर्ग किलोमीटर में फैली है।

तात्कालिक मैसूर राज्य के दीवान सर एम. विश्वेश्वरैया की दूरदृष्टिता व स्वप्न का साक्षात् रूप ”मैसूर वुड डिस्टिलेशन वक्र्स“ 1918 में स्थापित किया गया था। 1962 में यह एक लिमिटेड कम्पनी बन गया। महान् संस्थापक को श्रद्धांजलि के तौर पर 6 फरवरी, 1976 को इसका नाम बदल कर विश्वेश्वरैया आयरन एण्ड स्टील लिमिटेड (वीआईएसएल) कर दिया गया। विश्वेश्वरैया अद्वितीय इंजीनियर-राजनेता थे और उन्होंने शिमोगा के जंगलों में भद्रावती को कारखाने के लिए उत्तम स्थान मान कर चुना।

1918 में वुड डिस्टिलेशन कारखाने में प्रारम्भ हुए मैसूर आयरन वक्र्स ने 1923 में तारकोल धमन भट्टी में कच्चा लोहा तैयार करना शुरू किया। यहां प्रतिदिन 60 टन कच्चे लोहे का उत्पादन होता था। इस प्रकार तैयार कच्चे लोहे का उपयोग कर लाभ उठाने के लिए 1927 में यहां एक पाइप संयंत्र लगाया गया। 1936 में मृदुल इस्पात का उत्पादन शुरू हुआ और उसी वर्ष कम्पनी का नाम बदल कर मैसूर आयरन एण्ड स्टील वक्र्स कर दिया गया। 1942 में लौह मिश्र धातु का उत्पादन प्रारम्भ किया गया। इसके लिए दो छोटी भट्टियां लगाई गईं तथा 1962 में उत्पादन क्षमता का विस्तार किया गया। दो एलडी कन्वर्टर, एक वैद्युत आर्क भट्टी तथा एक ब्लूमिंग व भारी सेक्शन मिल स्थापित कर 1965 में मृदुल इस्पात की उत्पादन क्षमता का भी विस्तार किया गया।

वैद्युत आर्क भट्टी, कम्बाइन्ड बार एवं राॅड मिल तथा सेन्ट्रल हीट ट्रीटमेंट शाॅप जोड़ कर 1965 में कारखाने का और विस्तार किया गया और यहां मिश्र तथा विशेष इस्पात इस्पात का उत्पादन शुरू हो गया। बाद में, 1977 में एक आाधुनिक फोर्ज संयंत्र स्थापित किया गया जिससे कारखाने में हाई स्पीड स्टील, टूल स्टील, डाई ब्लाॅक स्टील और वाल्व स्टील आदि जैसे उच्च मिश्र इस्पात तैयार होने लगे। इसके साथ ही कारखाने की मिश्र तथा विशेष इस्पात उत्पादन क्षमता बढ़कर प्रति वर्ष 77,000 टन हो गई।

इस्पात की गुणवत्ता व मात्रा में सुधार लाने के उद्देश्य से 1983 में वेक्यूम डिगैसिंग/वेक्यूम आॅक्सीजन डिकार्बुनाइजेशन यूनिट तथा 1985 में ब्लूम और बिलेट के लिए एक कन्टीनुअस कास्टिंग यूनिट जोड़ी गई। कम्पनी का 12 वर्ष तक विश्वविख्यात आॅस्ट्रियाई कम्पनी, मैसर्स बोहलर्स के साथ तकनीकी समझौता था। अपनी टेक्नोलाॅजी को और आधुनिक बनाने के लिए वीआईएसएल ने आॅस्ट्रिया की बोस्ट एलपाइन इंडस्ट्रियल सर्विस (वीएआईएस) की सेवाओं का भी लाभ उठाया। यह व्यवस्था स्टील अथाॅरिटी आॅफ इण्डिया लिमिटेड (सेल) और वीएआईएस के बीच हुए एक करार के अन्तर्गत प्राप्त हुई थी।

वीआईएसएल ने मिश्र तथा विशेष इस्पात के उत्पादन के क्षेत्र में देश में अपना एक विशिष्ट स्थान बनाया है। यह सुरक्षा, न्यूक्लीयर पावर कारपोरेशन, रेलवे आदि जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों की आवश्यकताओं की पूर्ति कर रहा है। वीआईएसएल 1968 से मिश्र एवं विशेष इस्पात बना रहा है तथा समय की मांग को ध्यान में रखते हुए तेजी से नई टेक्नोलाॅजी का समावेश कर रहा है। यह देश में उच्च क्वालिटी के इस्पात के उत्पादन में सदैव अग्रणी रहा है।

दीर्घकालीन रणनीति के अनुरूप वीआईएसएल ने 1995 में मिश्र तथा विशेष इस्पात के उत्पादन के लिए बीएफ-बीओएफ-एलआरएफ-वीडी मार्ग का पूरा लाभ उठाकर उच्च श्रेणी के तप्त धातु उत्पादन के लिए 530 घन मीटर क्षमता की एक धमन भट्टी स्थपित की थी।

मिश्र तथा विशेष इस्पात का प्रमुख उत्पादक बना रहने के लिए लघु तथा दीर्घकालीन आधुनिकीकरण प्रस्ताव विचारार्थ विभिन्न चरणों में है।

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