GK MCQ | Indian polity

The writ of ‘Habeas Corpus’ is issued in the event of / ‘बंदी प्रत्यक्षीकरण’ की रिट किस स्थिति में जारी की जाती है?

The writ of ‘Habeas Corpus’ is issued in the event of / ‘बंदी प्रत्यक्षीकरण’ की रिट किस स्थिति में जारी की जाती है?

(1) Los of property / संपत्ति की हानि
(2) Refund of excess taxes / अतिरिक्त करों की वापसी
(3) Wrongful police detention / गलत पुलिस हिरासत
(4) Violation of the freedom of speech / भाषण की स्वतंत्रता का उल्लंघन

(SSC Combined Matric Level (PRE) Exam. 05.05.2002)

Answer / उत्तर : – 

(3) Wrongful police detention / गलत पुलिस हिरासत

Explanation / व्याख्यात्मक विवरण :- 

Habeas corpus means “you must present the person in court”. It is a writ (legal action) which requires a person under arrest to be brought before a judge or into court. This ensures that a prisoner can be released from unlawful detention, in other words, detention lacking sufficient cause or evidence. / बंदी प्रत्यक्षीकरण का अर्थ है “आपको व्यक्ति को अदालत में पेश करना होगा”। यह एक रिट (कानूनी कार्रवाई) है जिसके लिए गिरफ्तारी के तहत किसी व्यक्ति को न्यायाधीश या अदालत के सामने लाने की आवश्यकता होती है। यह सुनिश्चित करता है कि एक कैदी को गैरकानूनी नजरबंदी से रिहा किया जा सकता है, दूसरे शब्दों में, पर्याप्त कारण या सबूत के अभाव में नजरबंदी।

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