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To which one of the following States the Santhal tribe does not mainly belong? / निम्नलिखित में से किस राज्य में संथाल जनजाति मुख्य रूप से संबंधित नहीं है?

To which one of the following States the Santhal tribe does not mainly belong? / निम्नलिखित में से किस राज्य में संथाल जनजाति मुख्य रूप से संबंधित नहीं है?

 

(1) Bihar / बिहार
(2) Rajasthan / राजस्थान
(3) West Bengal / पश्चिम बंगाल
(4) Madhya Pradesh / मध्य प्रदेश

(SSC Combined Matric Level (PRE) Exam. 24.10.1999)

Answer / उत्तर : –

(3) West Bengal / पश्चिम बंगाल

Explanation / व्याख्यात्मक विवरण :-

The Santhal is tribe the largest tribal community in India, who live mainly in the states of Jharkhand, West Bengal, Bihar, Orissa, and Assam. There is also a significant Santhal minority in neighboring Bangladesh, and a small population in Nepal.

Santhal is a major scheduled tribe of Jharkhand state, which mainly resides in Santhal Pargana division and West and East Singhbhum, Hazaribagh, Ramgarh, Dhanbad and Giridih districts. Some of its population was also found in Bhagalpur Purnia, Saharsa and Munger divisions of Bihar state. The Santhal tribe also resides in the states of West Bengal, Odisha, Madhya Pradesh and Assam. This tribe was called Saontar due to its long stay in the Saot area of ​​Midnapore district of West Bengal, which later on came to be known as Santhal. During the first decade of the nineteenth century, Santhal tribes settled in significant numbers in Belpatta.

Before the Santhals settled in the Santhal Pargana, the Sauria and Mal Paharia tribes used to live in the hilly area of ​​the palace. After the arrival of the Santhals in this area, there was an ancestral enmity between the Santhals and the Paharia tribes for years. To solve the problem of their mutual conflict, the then Joint Magistrate of Bhagalpur, Sutherland recommended to the government in 1819 AD to create a separate state for them, on the basis of which in 1932-33, the government established Damin-E. Koh state. Gaya, which was spread over 1,338 square miles of Rajmahal, Pakur, Godda and Dumka subdivisions of Santhal Parganas district. The mountainous area of ​​Damin-E. Koh was allotted to the Paharia tribe, while an area of ​​about five hundred square miles spread in the lap of the mountainous terrain was earmarked for the settlement of the Santhal tribe, who live in Birbhum and West Bengal. Came from other places and settled here. This region of the Santhals was full of forests, which were soon cleared by the Santhals and made cultivable. By 1851 AD, there were about 82, 795 Santhals living in 1,473 villages of Damin-i-Koh region.

Population

Santhal is the most populous Scheduled Tribe of Jharkhand, whose population according to 2011 census is 27,54,723 (Male – 13,71,168 and Female – 13,83,555), which is 31.86 percent of the total tribal population of Jharkhand. Table 1 shows the population of Santhal tribe of Jharkhand in some major districts (from 1901 to 2011).

संथाल भारत में सबसे बड़ा आदिवासी समुदाय है, जो मुख्य रूप से झारखंड, पश्चिम बंगाल, बिहार, उड़ीसा और असम राज्यों में रहते हैं। पड़ोसी बांग्लादेश में एक महत्वपूर्ण संथाल अल्पसंख्यक और नेपाल में एक छोटी आबादी भी है।

संथाल झारखंड राज्य की एक प्रमुख अनूसूचित जनजाति है, जो मुख्य रूप से संथाल परगना प्रमंडल एवं पश्चिमी व पूर्वी सिंहभूम, हजारीबाग, रामगढ़, धनबाद तथा गिरीडीह जिलों में निवास करती है। इसकी कुछ आबादी बिहार राज्य के भागलपुर पूर्णिया, सहरसा तथा मुंगेर प्रमंडल में भी पायी जाती थी। संथाल जनजाति पश्चिम बंगाल, ओड़िशा, मध्यप्रदेश तथा असम राज्यों में भी वास करती है। इस जनजाति को पश्चिम बंगाल के मिदनापुर जिले के साओत क्षेत्र में लंबे अर्से तक रहने के कारण साओंतर कहा जाता था, जिसे कालान्तर में चल कर संथाल कहा जाने लगा। उन्नीसवीं शताब्दी के प्रथम दशक के दौरान संथाल जनजाति बेलपट्टा में यथेष्ट संख्या में आकर बस गयी।

संथाल परगना में संथालों के बसने के पहले सौरिया तथा माल पहाड़िया जनजाति राजमहल के पहाड़ी क्षेत्र में रहा करती थी। संथालों के इस क्षेत्र में आगमन के पश्चात् वर्षों तक संथाल तथा पहाड़िया जनजाति के बीच पुश्तैनी दुश्मनी बनी रही। इनकी आपसी संघर्ष की समस्या के निदान के लिए भागलपुर के तत्कालीन संयुक्त दंडाधिकारी सदरलैंड ने 1819 ई. में सरकार से इनके लिए एक पृथक प्रदेश बनाने की सिफारिश की, जिसके आधार पर 1932-33 में सरकार द्वारा दामिन – ई. कोह प्रदेश की स्थापना की गयी, जो संथाल परगना जिले के राजमहल, पाकुड़, गोड्डा तथा दुमका अनुमंडल के लगभग 1, 338 वर्ग मील में फैला हुआ था। दामिन – ई. कोह का पर्वतीय भू – भाग पहाड़िया जनजाति के लिए आवंटित किया गया, जबकि पर्वतीय भू – भाग के आगोश में फैला लगभग पांच सौ वर्ग मील का क्षेत्र संथाल जनजाति के बसाव के लिए निर्धारित किया गया, जो पश्चिम बंगाल के बीरभूम तथा अन्य जगहों से आकर यहाँ बसी थी। संथालों का यह प्रदेश जंगलों से भरा पड़ा था, जिसे संथालों ने शीघ्र ही साफ कर कृषि योग्य बना डाला। 1851 ई. तक दामिन – ई – कोह प्रदेश के 1, 473 गाँवों में लगभग 82, 795 संथाल रहने लगे थे।

जनसंख्या

संथाल झारखंड की सबसे अधिक आबादी वाली अनुसूचित जनजाति है, जिसकी जनसंख्या 2011 की जनगणना के अनुसार 27,54,723 (पुरूष – 13,71,168 तथा महिला – 13,83,555) है, जो झारखण्ड की कुल जनजाति आबादी का 31, 86 प्रतिशत है। तालिका – 1 में झारखंड की संथाल जनजाति की जनसंख्या कुछ प्रमुख जिलों में (1901 से 2011 तक) दर्शायी गयी है।

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