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Where is the Forest Research Institute located? / वन अनुसंधान संस्थान कहाँ स्थित है?

Where is the Forest Research Institute located? / वन अनुसंधान संस्थान कहाँ स्थित है?

 

(1) Dehradun / देहरादून
(2) Bhopal / भोपाल
(3) Lucknow / लखनऊ
(4) Delhi / दिल्ली

(SSC Combined Graduate Level Prelim Exam. 11.05.2003)

Answer / उत्तर : – 

(1) Dehradun / देहरादून

Explanation / व्याख्यात्मक विवरण :-

 

The Forest Research Institute is an institute of the Indian Council of Forestry Research and Education and is a premier institution in the field of forestry research in India. It is located at Dehradun in Uttarakhand, and is one of the oldest institutions of its kind. In 1991, it was declared a deemed university by the University Grants Commission. It was founded in 1878, as the British Imperial Forest School, by Dietrich Brandis. In 1906, it was re-established as the ‘Imperial Forest Research Institute’, under the British Imperial Forestry Service.

Forest Research Institute (FRI) in Dehradun is a premier research institute located on Kaulagarh Road. The institute was established in 1906 and occupies a large area of ​​about 450 hectares. The institute is famous for its splendid building, which represents a wonderful amalgamation of Greco-Roman and Colonial styles of architecture. There are six museums related to forestry in the premises of the building. The museum exhibits a variety of non-timber forest products, timber, forestry, social forestry, pathology and entomology. Apart from the museums, the place also has a beautiful botanical garden. This park is very popular among the visitors. Apart from this, the Indira Gandhi National Forest Academy is also located here.

The Indian Forest Research Institute is the largest forest based training institute in India, located on the Dehradun-Chakrata motorable road, 7 km from the Ghantaghar in Dehradun city. Most of the forest officers of India come from this institute. The building of the Forest Research Institute is very magnificent and it also houses a museum.

It was established in 1906 as the Imperial Forest Institute. It is a premier institute under the Indian Council of Forest Research and Education. Its style is Greco-Roman architecture and its main building has been declared a national heritage. It was inaugurated in 1921 and is famous for all kinds of research related to forest.

It is recognized worldwide as the only institution of its kind in Asia. Spread over 2000 acres, the FRI was designed by William Lutyens. It has 7 museums and all kinds of plants from Tibet to Singapore are here. That is why it is called the identity and pride of Dehradun.

वन अनुसंधान संस्थान भारतीय वानिकी अनुसंधान और शिक्षा परिषद का एक संस्थान है और भारत में वानिकी अनुसंधान के क्षेत्र में एक प्रमुख संस्थान है। यह उत्तराखंड के देहरादून में स्थित है, और अपनी तरह के सबसे पुराने संस्थानों में से एक है। 1991 में, इसे विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा एक डीम्ड विश्वविद्यालय घोषित किया गया था। इसकी स्थापना 1878 में डिट्रिच ब्रैंडिस द्वारा ब्रिटिश इंपीरियल फ़ॉरेस्ट स्कूल के रूप में की गई थी। 1906 में, इसे ब्रिटिश इंपीरियल फॉरेस्ट्री सर्विस के तहत ‘इंपीरियल फॉरेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट’ के रूप में फिर से स्थापित किया गया था।

देहरादून में वन अनुसंधान संस्थान (एफआरआई) कौलागढ़ रोड पर स्थित एक प्रमुख अनुसंधान संस्थान है। संस्थान 1906 में स्थापित किया गया था और लगभग 450 हेक्टेयर के एक बड़े क्षेत्र में है। यह संस्थान अपनी शानदार इमारत के लिए प्रसिद्द है, जो ग्रीको-रोमन और वास्तुकला के औपनिवेशिक शैली के एक अद्भुत समामेलन का प्रतिनिधित्व करती है। वहाँ इमारत के परिसर में वानिकी से संबंधित छह संग्रहालय हैं। यह संग्रहालय गैर-लकड़ी के वन उत्पादों, लकड़ी, जंगल-विज्ञान, सामाजिक वानिकी, विकृति विज्ञान और कीटविज्ञान के किस्मों का प्रदर्शन प्रदर्शित करते हैं। संग्रहालयों के अलावा, जगह पर एक सुंदर वनस्पति उद्यान भी है। यह उद्यान दर्शकों के बीच काफी लोकप्रिय है। इसके अलावा, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी भी यहीं स्थित है।

देहरादून शहर में घंटाघर से ७ कि॰मी॰ दूर देहरादून-चकराता मोटर-योग्य मार्ग पर स्थित भारतीय वन अनुसंधान संस्थान भारत का सबसे बड़ा वन आधारित प्रशिक्षण संस्थान है। भारत के अधिकांश वन अधिकारी इसी संस्थान से आते हैं। वन अनुसंधान संस्थान का भवन बहुत शानदार है तथा इसमें एक संग्रहालय भी है।

इसकी स्थापना १९०६ में इंपीरियल फोरेस्ट इंस्टीट्यूट के रूप में की गई थी। यह इंडियन काउंसिल ऑफ फोरेस्ट रिसर्च एंड एडूकेशन के अंतर्गत एक प्रमुख संस्थान है। इसकी शैली ग्रीक-रोमन वास्तुकला है और इसके मुख्य भवन को राष्ट्रीय विरासत घोषित किया जा चुका है। इसका उद्घघाटन १९२१ में किया गया था और यह वन से संबंधित हर प्रकार के अनुसंधान के लिए में प्रसिद्ध है।

एशिया में अपनी तरह के इकलौते संस्थान के रूप में यह दुनिया भर में प्रख्यात है। २००० एकड़ में फैला एफआरआई का डिजाइन विलियम लुटयंस द्वारा किया गया था। इसमें ७ संग्रहालय हैं और तिब्बत से लेकर सिंगापुर तक सभी तरह के पेड़-पौधे यहां पर हैं। तभी तो इसे देहरादून की पहचान और गौरव कहा जाता है।

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