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Which of the following was not a purpose for building Farakka Barrage? / निम्नलिखित में से कौन फरक्का बैराज के निर्माण का उद्देश्य नहीं था?

Which of the following was not a purpose for building Farakka Barrage? / निम्नलिखित में से कौन फरक्का बैराज के निर्माण का उद्देश्य नहीं था?

 

(1) Checking water flowing into Bangladesh / बांग्लादेश में बहने वाले पानी की जाँच
(2) Checking silting of Kolkata Port / कोलकाता बंदरगाह की गाद की जांच
(3) Preventing erosion of Kolkata Port / कोलकाता बंदरगाह के कटाव को रोकना
(4) Facilitating navigation in Ganga river / गंगा नदी में नौवहन की सुविधा

(SSC CGL Tier-I (CBE) Exam. 07.09.2016)

Answer / उत्तर : – 

(4) Facilitating navigation in Ganga river / गंगा नदी में नौवहन की सुविधा

Explanation / व्याख्यात्मक विवरण :-

 

The Farakka Barrage was created by India in 1975 to divert water from the Ganges River to the Bhagirathi-Hooghly river system. It was designed to check water flow to Bangladesh by diverting water from Ganges-Brahmaputra-Meghna basin. Besides, it aimed to serve the need of preservation and maintenance of the Kolkata Port by improving the regime and navigability of the Bhagirathi-Hooghly river system. It aimed to flush out the sediment deposition from the Kolkata harbour and thus prevent erosion of Kolkata port.

The Farakka Dam (barrage) is a dam on the Ganges River located in the state of West Bengal, India. This dam is located just 10 km away from the Bangladesh border. This dam was built by Hindustan Construction Company in 1974-75. This dam was constructed to free the Kolkata port from silt which was a major problem of this port from 1950 to 1960. Kolkata is a major port situated on the Hooghly River. To maintain the flow of Hooghly river in summer season, a large part of the water of river Ganges is diverted into Hooghly river by Farakka dam. Due to the distribution of this water, there was a long dispute between Bangladesh and India. Due to the lack of flow of the river Ganges, the salinity of the water going to Bangladesh increased and affected fisheries, drinking water, health and boating. Due to the lack of moisture in the soil, the land of a large area of ​​Bangladesh had become barren. There is a Barhamashi river, whose water level shows a decrease from January to July and an increase in the amount of water is seen from August to September, its increase is 55,000 cubits and a decrease is 1300, the decrease seen is 1300, the Ganges river originates from the Gangotri glacier of Uttarakhand, whose total Length is 2525 kms

फरक्का बैराज भारत द्वारा 1975 में गंगा नदी के पानी को भागीरथी-हुगली नदी प्रणाली की ओर मोड़ने के लिए बनाया गया था। इसे गंगा-ब्रह्मपुत्र-मेघना बेसिन से पानी को मोड़कर बांग्लादेश में जल प्रवाह की जांच करने के लिए डिज़ाइन किया गया था। इसके अलावा, इसका उद्देश्य भागीरथी-हुगली नदी प्रणाली के शासन और नौगम्यता में सुधार करके कोलकाता बंदरगाह के संरक्षण और रखरखाव की आवश्यकता को पूरा करना है। इसका उद्देश्य कोलकाता बंदरगाह से तलछट जमा को बाहर निकालना और इस प्रकार कोलकाता बंदरगाह के क्षरण को रोकना था।

फ़रक्का बांध (बैराज) भारत के पश्चिम बंगाल प्रान्त में स्थित गंगा नदी पर बना एक बांध है। यह बांध बांगलादेश की सीमा से मात्र १० किलो मीटर की दूरी पर स्थित है। इस बांध को १९७४-७५ में हिन्दुस्तान कंस्ट्रक्शन कंपनी ने बनाया था। इस बांध का निर्माण कोलकाता बंदरगाह को गाद (silt) से मुक्त कराने के लिये किया गया था जो की १९५० से १९६० तक इस बंदरगाह की प्रमुख समस्या थी। कोलकाता हुगली नदी पर स्थित एक प्रमुख बंदरगाह है। ग्रीष्म ऋतु में हुगली नदी के बहाव को निरंतर बनाये रखने के लिये गंगा नदी की के पानी के एक बड़े हिस्से को फ़रक्का बांध के द्वारा हुगली नदी में मोड़ दिया जाता है। इस पानी के वितरण के कारण बांगलादेश एवम भारत में लंबा विवाद चला। गंगा नदी के प्रवाह की कमी के कारण बांगलादेश जाने वाले पानी की लवणता बड़ जाती थी और मछ्ली पालन, पेयजल, स्वास्थ और नौकायान प्रभावित हो जाता था। मिट्टी में नमी की कमी के चलते बांगलादेश के एक बड़े क्षेत्र की भूमी बंजर हो गयी थी।[3] इस विवाद को सुलझाने के लिये दोनो सरकारो ने आपस में समझौता करते हुए फ़रक्का जल संधि की रूप रेखा रखी।[4] गंगा नदी एक बारहमाशी नदी है जिसके जलस्तर मेंं जनवरी से जुलाई तक कमी देखी जाती है और अगस्त से सिप्तबर जल की मात्रा में वृदि दिखी जाती है इसकी वृदि 55,000 क्यूसेब व कमी 1300,कमी देखी गयी गंगा नदी का उदगम उत्तराखंड के गंगोत्री हिमनद से होता है जिसकी कुल लंबाई 2525 किलोमीटर है

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