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Which one of the following region is most rich in coal deposits? / निम्नलिखित में से कौन सा क्षेत्र कोयले के भंडार में सबसे अधिक समृद्ध है?

Which one of the following region is most rich in coal deposits? / निम्नलिखित में से कौन सा क्षेत्र कोयले के भंडार में सबसे अधिक समृद्ध है?

 

(1) Bramhaputra Valley / ब्रह्मपुत्र घाटी
(2) Damodar Valley / दामोदर घाटी
(3) Mahanadi Valley / महानदी घाटी
(4) Godavari Valley / गोदावरी घाटी

(SSC CGL Tier-I (CBE) Exam. 31.08.2016)

Answer / उत्तर : –

(2) Damodar Valley / दामोदर घाटी

 

दामोदर घाटी निगम - विकिपीडिया

 

Explanation / व्याख्यात्मक विवरण :-

The Damodar river valley contain store houses or coal seems, the richest, largest and most productive coalfields of India. The Damodar valley coal occurring in Damuda series of the lower Gondwana rocks is noted for exceptionally rich coal deposits. About 75 per cent of India’s coal is mined from this valley. There are several coalfields of which Jharia, Bokaro, Ramgarh, Chandrapura and Karanpura are the premier producers.

Damodar river was called ‘Sorrow of Bengal’. Damodar caused some terrible floods. Most of the Bardhaman city of Bengal was washed away in the river.
Then Maharaja Kirti Chand of Burdwan signed a contract with the British East India Company in 1789, according to which an additional amount was to be paid to the Maharaja for the construction and maintenance of the river to control the floods. In the years 1866 and 1873, the Bengal Embankment Act came into existence, according to which the administration was given the authority to build and protect river banks.

The construction of Damodar river valley was completely completed in 1948 and on 7 July 1948 this river valley project came into existence as the first river valley project of independent India.

The Damodar river basin houses the reserves of India’s richest, largest and most productive coal fields. The Damodar Valley coal is found in the Damuda Range of Lower Gondwana Rocks, which is known for its exceptionally rich coal deposits. About 75 percent of India’s coal is mined from this valley. There are several coalfields of which Jharia, Bokaro, Ramgarh, Chandrapura and Karanpura are the major producers.

On which river is the Damodar Valley Project located?

Damodar River Valley Project is a joint project of Jharkhand and Bengal. And this project is completely built on Damodar river.

A total of 8 big dams have been built on the Damodar river with the help of tributaries of Damodar. Simultaneously, 1 barrier dam, 6 hydropower plants and 3 thermal power plants have also been constructed.

Dams of Damodar Valley Project
  1. Tilaiya, Maithon and Bal hills – tributaries of Damodar river on Barakar river
  2. Panchet, Iyer and Bermo – on the Damodar river
  3. Bokaro and Konar – tributaries of Damodar river on Bokaro river
  4. A barrier dam – Durgapur barrier dam
Hydal Power Plant of Damodar Valley Project
  1. Tilaiya
  2. Maithon
  3. Bal Pahari
  4. Panchet
  5. bermo
  6. Konar
Thermal Power Plant of Damodar Valley Project
  1. Bokaro
  2. Chandrapura
  3. Durgapur
Significance of Damodar Valley Project

The main purpose of any river valley project is its importance. Behind every river valley project, there are multiple objectives to be chosen. Due to which they are also called multipurpose river valley projects.

Many objectives have also been kept behind the formation of Damodar Valley Project. Some of the main ones are –
  • dam on river
  • Field irrigation for farmers by dam
  • Flood control due to dam construction
  • Environment protection
  • Creating a tourist destination by doing afforestation and beautification
  • water supply for domestic use
  • Providing financial support to the residents of the valley by providing employment

दामोदर नदी को ‘बंगाल का सोर्रो’ ( Sorrow of Bengal ) कहा जाता था। दामोदर के कारण कुछ भयानक बाढ़ें आईं ।बंगाल के बर्धमान शहर का अधिकांश हिस्सा नदी में बह गया था।

तब बर्दवान के महाराजा कीर्ति चंद ने 1789 में ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के साथ एक अनुबंध पर हस्ताक्षर किए जिसके अनुसार, बाढ़ को नियंत्रित करने के लिए नदी के निर्माण और रखरखाव के लिए महाराजा को एक अतिरिक्त राशि का भुगतान करना था। 1866 और 1873 के वर्षों में, बंगाल तटबंध अधिनियम अस्तित्व में आया, जिसके अनुसार नदी के किनारों का निर्माण और संरक्षण करने का अधिकार प्रशासन को दिया गया था।

दामोदर नदी घाटी का निर्माण पूर्ण रूप से 1948 में जाकर पूरा हुआ और 7 जुलाई 1948 को यह नदी घाटी परियोजना स्वतंत्र भारत की पहली नदी घाटी परियोजना के रूप में अस्तित्व में आया ।

दामोदर नदी घाटी में भारत के सबसे अमीर, सबसे बड़े और सबसे अधिक उत्पादक कोयला क्षेत्रों के भंडार घर हैं। दामोदर घाटी का कोयला निचली गोंडवाना चट्टानों की दामुडा श्रृंखला में पाया जाता है, जो असाधारण रूप से समृद्ध कोयला भंडार के लिए जाना जाता है। भारत का लगभग 75 प्रतिशत कोयले का खनन इसी घाटी से होता है। कई कोयला क्षेत्र हैं जिनमें से झरिया, बोकारो, रामगढ़, चंद्रपुरा और करनपुरा प्रमुख उत्पादक हैं।

दामोदर घाटी परियोजना किस नदी पर है ?
दामोदर नदी घाटी परियोजना झारखंड एवं बंगाल की संयुक्त परियोजना है । और यह परियोजना पूरी तरह से दामोदर नदी पर बना हुआ है ।
दामोदर के सहायक नदियों की सहायता से दामोदर नदी पर कुल 8 बड़े बांध  बनाए गए हैं । साथ ही साथ 1 अवरोधक बांध , 6 जल विद्युत गृह तथा 3 तापीय विद्युत गृह का निर्माण भी किया गया है ।
दामोदर घाटी परियोजना के बांध
  1. तिलैया , मैथन व बाल पहाड़ी – दामोदर नदी की सहायक नदी बराकर नदी पर
  2. पंचेत , अय्यर व बेरमो – दामोदर नदी पर
  3. बोकारो व कोनार – दामोदर नदी की सहायक नदी बोकारो नदी पर
  • एक अवरोधक बांध – दुर्गापुर अवरोधक बांध
दामोदर घाटी परियोजना के जल विद्युत गृह  ( Hydal Power Plant )
  1. तिलैया
  2. मैथन
  3. बाल पहाड़ी
  4. पंचेत
  5. बेरमो
  6. कोनार
दामोदर घाटी परियोजना के तापीय विद्युत गृह ( Thermal Power Plant )
  1. बोकारो
  2. चंद्रपुरा
  3. दुर्गापुर
दामोदर घाटी परियोजना का महत्व
किसी भी नदी घाटी परियोजना का मुख्य उद्देश्य ही उसका महत्व होता है। हर नदी घाटी परियोजना के पीछे कई सारी उद्देश्यों को चुना जाता है । जिस कारण इन्हें बहुउद्देशीय नदी घाटी परियोजना भी कहा जाता है।
दामोदर घाटी परियोजना बनने के पीछे भी कई उद्देश्य रखे गए है । उनमें से कुछ मुख्य हैं –
  • जगह जगह नदी में बांध बनाना
  • बांध द्वारा किसानों के लिए खेतों में सिंचाई
  • बांध बनने से बाढ़ में नियंत्रण
  • पर्यावरण संरक्षण
  • वनीकरण तथा सौंदर्यीकरण कर पर्यटन स्थल बनाना
  • घरेलू उपयोग हेतु जलापूर्ति
  • रोजगार प्रदान कर घाटी निवासियों को आर्थिक सहयोग करना

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