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Which was the first hydel power project in India ? / भारत में पहली जल विद्युत परियोजना कौन सी थी?

Which was the first hydel power project in India ? / भारत में पहली जल विद्युत परियोजना कौन सी थी?

 

(1) Pallivasal in Kerala / केरल में पल्लीवासल
(2) Paikara in Tamil Nadu / तमिलनाडु में पैकरा
(3) Siva Samudram in Karnataka / कर्नाटक में शिव समुद्रम
(4) Nizamnagar in Andhra Pradesh / आंध्र प्रदेश में निजामनगर

(SSC CGL Tier-I Exam, 09.08.2015)

Answer / उत्तर : – 

(3) Siva Samudram in Karnataka / कर्नाटक में शिव समुद्रम

Explanation / व्याख्यात्मक विवरण :-

The 4.5 megawatt hydroelectric power station near Sivasamudram falls of the Cauvery in Karnataka was the first major power station in India. Owned by a few British companies, it was set up by General Electric of the US. It was commissioned in 1902. The first small hydro power plant, a 130 kilowatt plant, started functioning in 1897 at Darjeeling.

Shivasamudram is located in Mysore, Karnataka. It is a small island town situated in the middle of two branches of Kaveri, at a distance of about 17 miles from Somnathpur. Two springs named ‘Gaganachakki’ and ‘Barachakki’ present a delightful shade of nature near the island. Shivasamudram Island is about three miles long and one and a half miles wide. Two Viratakayas and grand temples of Shiva and Vishnu are the main monuments of this place. Shivasamudram is an ancient place. It is situated in the doab of river Kaveri, about 56 km north-east of Mysore city. The water of Kaveri at this place, due to the shape of the mountain, looks like a huge lake. A little further from this lake, the Kaveri falls in the form of a waterfall from a height of three hundred and eighty feet. The river Kaveri splits into two branches at three places and becomes one again, which has formed three islands. These islands are ‘Adirangam’, ‘Sivasamudram’ and ‘Srirangam’. South Vidigiri Rang Parvat is 3 miles from here. There is a Srinivasa temple in the Champakaranya area on the mountain. It has a standing idol of Lord Vishnu. In 1902, India’s first hydroelectric project was also established in Shivasamudram. At the time of the victory of the South in Indian history, King Krishnadeva Raya had shown extraordinary fighting skills by changing the flow of Kaveri in the battle of Shivasamudram itself and won that invincible water fort.

कर्नाटक में कावेरी के शिवसमुद्रम फॉल्स के पास 4.5 मेगावाट का पनबिजली स्टेशन भारत का पहला प्रमुख बिजली स्टेशन था। कुछ ब्रिटिश कंपनियों के स्वामित्व में, इसे यूएस के जनरल इलेक्ट्रिक द्वारा स्थापित किया गया था। इसे 1902 में चालू किया गया था। पहला छोटा पनबिजली संयंत्र, 130 किलोवाट का संयंत्र, 1897 में दार्जिलिंग में काम करना शुरू कर दिया था।

शिवसमुद्रम कर्नाटक के मैसूर में स्थित है। सोमनाथपुर से लगभग 17 मील की दूरी पर कावेरी की दो शाखाओं के मध्य में बसा यह छोटा-सा द्वीपनगर है।’गगनचक्की’ और ‘बराचक्की’ नामक दो झरने द्वीप के निकट प्रकृति की रम्य छटा उपस्थित करते हैं। शिवसमुद्रम द्वीप लगभग तीन मील लम्बा और पौन मील चौड़ा है। शिव और विष्णु के दो विराटकाय और भव्य मंदिर इस स्थान के मुख्य स्मारक हैं। शिवसमुद्रम एक प्राचीन स्थान है। यह मैसूर नगर से क़रीब 56 किलोमीटर उत्तर-पूरब में कावेरी नदी के दोआब में बसा है। इस स्थान पर कावेरी का जल, पहाड़ की बनावट के कारण, विशाल झील की तरह दिखाई देता है। इसी झील से थोड़ी दूर आगे कावेरी तीन सौ अस्सी फुट की ऊंचाई से जल-प्रपात के रूप में गिरती है।कावेरी नदी तीन स्थानों पर दो शाखाओं में बंटकर फिर से एक हो जाती है, जिससे तीन द्वीप बन गए हैं। ये द्वीप हैं- ‘आदिरंगम’, ‘शिवसमुद्रम’ तथा ‘श्रीरंगम’। यहाँ से 3 मील पर दक्षिण विडिगिरि रंग पर्वत है। पर्वत पर चम्पकारण्य क्षेत्र में श्रीनिवास मंदिर है। इसमें भगवान विष्णु की खड़ी मूर्ति है। सन 1902 में भारत की सबसे पहली जलविद्युत परियोजना भी शिवसमुद्रम में ही स्थापित की गयी थी। भारतीय इतिहास में दक्षिण की विजय के समय राजा कृष्णदेव राय ने शिवसमुद्रम के युद्ध में ही कावेरी के प्रवाह को परिवर्तित करके अपूर्व रण-कौशल का परिचय दिया था और उस अजेय जल दुर्ग को जीत लिया था।

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