GK MCQ | Indian polity

Who can legislate on those residual matters which are not mentioned in Central/ State/Concurrent lists? / उन अवशिष्ट मामलों पर कौन कानून बना सकता है जिनका उल्लेख केंद्र/राज्य/समवर्ती सूचियों में नहीं है?

Who can legislate on those residual matters which are not mentioned in Central/ State/Concurrent lists? / उन अवशिष्ट मामलों पर कौन कानून बना सकता है जिनका उल्लेख केंद्र/राज्य/समवर्ती सूचियों में नहीं है?

(1) State legislatures exclusively / विशेष रूप से राज्य विधानमंडल
(2) Parliament alone / अकेले संसद
(3) Parliament after State legislatures concur / राज्य विधानसभाओं की सहमति के बाद संसद
(4) Parliament or State legislatures as adjudicated by the Supreme Court / संसद या राज्य विधायिका जैसा कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा निर्णय दिया गया है

(SSC Combined Matric Level (PRE) Exam. 13.05.2001)

Answer / उत्तर : – 

(4) Parliament or State legislatures as adjudicated by the Supreme Court / संसद या राज्य विधायिका जैसा कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा निर्णय दिया गया है

Explanation / व्याख्यात्मक विवरण :- 

The constitution vests the residuary power, i.e., the power to legislate with respect to any matter not enumerated in any one of the three lists in the union legislatures (Act. 248). It has been left to the courts to determine finally as to whether a particular matter falls under the residuary, power or not. / संविधान में अवशिष्ट शक्ति निहित है, अर्थात, संघ विधायिकाओं (अधिनियम 248) में तीन सूचियों में से किसी एक में सूचीबद्ध नहीं किए गए किसी भी मामले के संबंध में कानून बनाने की शक्ति। अंतत: यह तय करना न्यायालयों पर छोड़ दिया गया है कि कोई विशेष मामला अवशिष्ट, शक्ति के अंतर्गत आता है या नहीं।

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