The bhilai steel plant has been established with the assistance of: / भिलाई इस्पात संयंत्र की सहायता से स्थापित किया गया है:

The bhilai steel plant has been established with the assistance of: / भिलाई इस्पात संयंत्र की सहायता से स्थापित किया गया है:

 

(a) U.K. / यू.के.
(b) USA. / यूएसए
(c) Russia /  रूस
(d) Germany /  जर्मनी

(SSC CPO Sub-Inspector Exam. 12.12.2010)

Answer / उत्तर : –

(c) Russia /  रूस

 

भिलाई इस्पात संयंत्र के बारे में | SAIL

 

Explanation / व्याख्यात्मक विवरण :-

Bhilai Steel Plant, located in Bhilai, Chhattisgarh, is India’s first and main producer of steel rails, as well as a major producer of wide steel plates and a variety of saleable steel products. This steel plant was set up with the help of the USSR in 1955.

भिलाई इस्पात संयंत्र (Bhilai Steel Plant (BSP)) भारत के छत्तीसगढ़ के भिलाई में स्थित इस्पात कारखाना है। यह भारत का पहला इस्पात उत्पादक संयंत्र है तथा मुख्यतः रेलों का उत्पादन करता है। इस संयंत्र की स्थापना सोवियत संघ की सहायता से १९५५ में हुई थी। इस कारखाने की स्थापना दूसरी पंचवर्षीय योजना (1956-61)के अंतर्गत की गई थी।

दस बार देश का सर्वश्रेष्ठ एकीकृत इस्पात कारखाने के लिए प्रधानमंत्री ट्रॉफी प्राप्त यह कारखाना राष्ट्र में रेल की पटरियों और भारी इस्पात प्लेटों का एकमात्र निर्माता तथा संरचनाओं का प्रमुख उत्पादक है। देश में 260 मीटर की रेल की सबसे लम्बी पटरियों के एकमात्र सप्लायर, इस कारखाने की वार्षिक उत्पादन क्षमता 31 लाख 53 हजार टन विक्रेय इस्पात की है। यह कारखाना वायर रॉड तथा मर्चेन्ट उत्पाद जैसे विशेष सामान भी तैयार कर रहा है। भिलाई इस्पात कारखाना आईएसओ 9001:2000 गुणवत्ता प्रबन्धन प्रणाली से पंजीकृत है। अतः इसके सभी विक्रेय इस्पात आईएसओ की परिधि में आते हैं।

भिलाई के कारखाने, इसकी बस्ती और डल्ली खानों को पर्यावरण प्रबन्धन प्रणाली से सम्बन्धित आईएसओ 14001 भी प्राप्त है। यह देश का ऐसा एकमात्र इस्पात कारखाना है जिसे इन सभी क्षेत्रों में प्रमाणपत्र मिला है। कारखाने को सामाजिक उत्तरदायित्व निभाने के लिए एसए: 8000 प्रमाणपत्र और व्यावसायिक स्वास्थ्य तथा सुरक्षा के लिए ओएचएसएएस-18001प्रमाणपत्र भी प्राप्त है। इन अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर मान्य प्रमाणपत्रों के कारण भिलाई के उत्पादों का महत्व और भी बढ़ जाता है तथा इस्पात उद्योग में इसकी गणना सर्वश्रेष्ठ संगठनों में की जाती है। भिलाई को अनेक राष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है तथा इसे लगातार तीन वर्ष सीआईआई-आईटीसी सस्टेनेबिलिटी पुरस्कार प्राप्त हुआ है।

छत्तीसगढ़ के भिलाई में स्थित भिलाई स्टील प्लांट, स्टील रेल का भारत का पहला और मुख्य उत्पादक होने के साथ-साथ चौड़ी स्टील प्लेट्स और विभिन्न प्रकार के बिक्री योग्य स्टील उत्पादों का एक प्रमुख उत्पादक है। इस स्टील प्लांट की स्थापना 1955 में USSR की मदद से की गई थी।

भिलाई स्टाफ़ (भिलाई स्टील प्लांट (BSP) भारत के छत्तीसगढ़ के भिलाई में वर्कर। यह भारत का सबसे अच्छा उत्पाद है। इस तरह की स्थिति की स्थिति की स्थिति से निगरानी रखी गई थी। इस तरह की विभाजन योजना (1956-61) के भीतर की तरह।

दस बार देश का सर्वोत्तम गुणवत्ता वाला स्टाफ़ बेहतर गुणवत्ता वाला स्टाफ़ बेहतर होगा। देश में 260 मीटर की रेल की बिजली की आपूर्ति के प्रभाव के साथ बिजली की आपूर्ति के प्रभाव में 30 लाख 53 53 विसीय ऊर्जा की क्षमता होती है। यह उत्पाद विशेष रूप से विशेष रूप से तैयार है। भिलाई संचार प्रणाली 9001:2000 प्रबंधक प्रणाली से पंजीकृत है। विभिन्न प्रकार के विसर्ग ध्रुवीकरण में भिन्न होते हैं।

भिलाई के विश्व, विश्व और दिल्ली खानों को पर्यावरण प्रबंधन प्रणाली से प्रबंधक 14001 प्राप्त होता है। इस बैठक में शामिल होने के साथ-साथ. है आंतरिक स्तर पर उत्पादकता में वृद्धि हुई है और इसके गुणों में वृद्धि हुई है। भिलाई को कई एनवाईजेड एनवाईजेड एनवाईजेड ने वाई-फाई किया है।

 

Leave a Reply

Don`t copy text!

Discover more from Studyandupdates

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading