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The Gondwana Coal fields are found in / गोंडवाना कोयला क्षेत्र पाए जाते हैं

The Gondwana Coal fields are found in / गोंडवाना कोयला क्षेत्र पाए जाते हैं

 

(1) Madhya Pradesh / मध्य प्रदेश
(2) West Bengal / पश्चिम बंगाल
(3) Assam / असम
(4) Jammu & Kashmir / जम्मू और कश्मीर

(SSC Combined Matric Level (PRE) Exam. 24.10.1999)

Answer / उत्तर : –

(1) Madhya Pradesh / मध्य प्रदेश

Explanation / व्याख्यात्मक विवरण :-

Almost all of India’s coal reserves are of Gondwana coal. The Gondwana coal is said to be 250 million years old and includes mainly coking, non-coking and bituminous coal. The Gondwana coalfields extend from Bengal, Jharkhand, Bihar, Odisha to Madhya Pradesh.

Gondwana coalfields are found in Madhya Pradesh. Gondwana coal field almost covers all the states of India which reserves coal. Nearly 95% of India’s coal is from the Gondwana Formation (which is in the Satpuras) and is found in Bihar, Madhya Pradesh, Orissa, West Bengal, Maharashtra and Andhra Pradesh.

The ranges of the Gondwana order were formed in the middle carbon period. In its basins, sediments continued to accumulate in the period from the Upper Carbonic to the Jurassic. Due to the accumulation of sediments, their size became very large. Due to favorable atmospheric conditions, dense forests grew in this area, which were buried under debris due to Hercynian movements. This sequence continued for a long time in a very large area, due to which huge deposits of coal are found in this area. The region was named Gondwana after the ancient Gond kingdom of Madhya Pradesh. The distribution of this sequence is found in other parts of the Indian land like Australia, South Africa, South America and Antarctica. Its expansion in India is found in 4 major parts – 1. Damodar river valley area 2. Mahanadi valley 3. Godavari, Wainganga valley 4. Kutch, Kathiawar, West Rajasthan, and some parts of the Himalayan region

भारत के लगभग सभी कोयला भंडार गोंडवाना कोयले के हैं। गोंडवाना कोयला 250 मिलियन वर्ष पुराना बताया जाता है और इसमें मुख्य रूप से कोकिंग, नॉन-कोकिंग और बिटुमिनस कोयला शामिल हैं। गोंडवाना कोयला क्षेत्र बंगाल, झारखंड, बिहार, ओडिशा से लेकर मध्य प्रदेश तक फैले हुए हैं।

गोंडवाना कोयला क्षेत्र मध्य प्रदेश में पाए जाते हैं। गोंडवाना कोयला क्षेत्र भारत के लगभग सभी राज्यों को कवर करता है जो कोयले का भंडार करते हैं। भारत का लगभग 95% कोयला गोंडवाना गठन (जो सतपुड़ा में है) से है और बिहार, मध्य प्रदेश, उड़ीसा, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश में पाया जाता है।

गोंडवाना क्रम की श्रेणियों का निर्माण मध्य कार्बनी काल मे हुआ था । इसकी द्रोणियो में ऊपरी कार्बनी से जुरैसिक तक की अवधि में अवसादों का जमाव होता रहा । अवसादों के जमाव के कारण इनका आकार काफी बड़ा होता गया । अनुकूल वायुमंडलीय परिस्थितियों के कारण इस क्षेत्र में घने वन उग आए , जो हरसीनियन हलचलों के कारण मलबे में दब गए । ये क्रम काफी बड़े क्षेत्र में लंबे समय तक चलता रहा जिसके कारण इस क्षेत्र में कोयले के विशाल भंडार मिलते है । मध्य प्रदेश के प्राचीन गोंड राज्य के नाम पर इस क्षेत्र को गोंडवाना नाम दिया गया । भारतीय भूभाग से जुड़े इसके अन्य हिस्से जैसे ऑस्ट्रेलिया ,दक्षिण अफ्रीका , दक्षिण अमेरिका तथा अंटार्कटिका तक इस क्रम का वितरण मिलता है । भारत मे इसका विस्तार 4 प्रमुख भागो में मिलता है – 1. दामोदर नदी घाटी क्षेत्र 2. महानदी घाटी 3.गोदावरी ,वेनगंगा घाटी 4.कच्छ , काठियावाड़ ,पश्चिम राजस्थान , तथा हिमालयी क्षेत्र के कुछ भाग

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