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The largest tribal community in India is / भारत में सबसे बड़ा आदिवासी समुदाय है

The largest tribal community in India is / भारत में सबसे बड़ा आदिवासी समुदाय है

 

(1) Bhils / भील
(2) Gonds / गोंड
(3) Santhals / संथाल
(4) Tharus  / थारु

(SSC Higher Secondary Level Data Entry Operator & LDC Exam. 28.11.2010)

Answer / उत्तर : –

(1) Bhils / भील

 

Hindi- Demand for separate Bhil state in India

 

Explanation / व्याख्यात्मक विवरण :-

Santhals are the largest tribal community in India, who live mainly in the states of Jharkhand, West Bengal, Bihar, Orissa, and Assam. There is also a significant Santhal minority in neighboring Bangladesh, and a small population in Nepal. Bhils come second.

Bhil is the name of a tribe of central India. Bhil tribe is the most widespread tribe of India. In ancient times, these people were spread from Egypt to Lanka. The people of Bhil tribe speak Bhil language. The Bhil tribe is called “the brave bow man of India”. The rule of this dynasty was in the hilly areas [9]. The rule of the Bhil rulers was mainly in Malwa, South Rajasthan, Gujarat, Odisha and Maharashtra. The Bhils are a scheduled tribe in Gujarat, Madhya Pradesh, Chhattisgarh, Maharashtra and Rajasthan. The Khadim of the dargah of Khwaja Moinuddin Hasan Chishti in Ajmer are also descendants of Bhil ancestors. Bhils are also settled in Tripura and Tharparkar district of Sindh in Pakistan. The Bhil tribe is widely spread up to Pakistan including India. In ancient times, the rule of the Bhil tribe was established in Shivi district, which is currently called Mewar, when Alexander invaded India through Mindar, then the Bhil rulers of Punjab and Shivi district did not allow the world conqueror Sikandar to enter India. had to go back.

Rana Poonja Bhil ji is remembered in Rajasthan, who, along with Maharana Pratap, saved the sixes of the Mughals. In the Haldighati war of 1576 AD, Rana Poonja gave all his strength to protect the country. The inconclusive battle of Haldighati was the charisma of the guerrilla warfare system, which was employed under the leadership of Poonja Bhil. After this war, the power of the Bhils was an unforgettable contribution in thwarting the Mughal invasion for many years and in the context of the bravery of the brave hero born in his dynasty, Poonja Bhil’s valor to be remembered till ages, on the one hand in the emblem of Mewar. Rajput and on the other hand Bhil symbol has been adopted. Not only this, due to the authenticity of the achievements and contribution of this Bhil descendant Sardar, he was given the title of ‘Rana’ by Maharana. Now King Poonja Bhil came to be known as ‘Rana Poonja Bhil’. In fact, he was a true countryman. The portrait of a Bhil warrior is inscribed on the emblem of Mewar and Mayo College. Many Bhils want Bhil regiments in India. Simultaneously, Bhils have been demanding a separate state of their own for many years.

Bhil is the name of a tribe of central India which is mainly spread in Rajasthan, Gujarat, Madhya Pradesh, Chhattisgarh, Maharashtra and Tripura. Thus this Bhil tribe is the most widely spread tribe of India.

The word Bhil is derived from “Veel” which in Dravidian language means “bow”. Bhil tribe is called “Dhanush Purush of India” because they are very expert in bow lore.

Bhil caste is divided into two types-

1. Ujaliya / Kshatriya Bhil:- Ujaliya Bhil is basically the Kshatriya who had gone to the jungles during the Mughal invasion.

2. Nappy Bhil:- These are the original Bhils living in the forests, their customs are old even today. They mainly live in Madhya Pradesh.
Rana Poonja Bhil ji is remembered in Rajasthan, who, along with Maharana Pratap, saved the sixes of the Mughals. The portrait of a Bhil warrior is inscribed on the emblem of Mewar and Mayo College.

Till the year 2013, the Bhil community was the largest tribal community in India with a total population of 17 million.

Important people of Bhil community are as follows;

1. Sardar Hemsingh Bhil
2. Tantya Bhil
3. Diwaliben Bhil
4. Nanak Bhil
5. Sardar Hiriya Bhil
6. Krishna Bhil

Why and where is the demand for Bhil state arising? (Why demand of Bhil State)

The demand for making Bhil state in India is mainly arising from the tribal belt of Rajasthan, Madhya Pradesh and Gujarat. These people want that the people of the Bhil community should be resettled in the places from where they were driven away so that these people can regain their rights and identity. There is also a demand of these people that tribal communities should have the first right on natural resources.

There is a demand to make Bhil state by merging some districts of Rajasthan, Gujarat, Madhya Pradesh and Maharashtra. These districts are Dungarpur, Banswara, Pratapgarh districts of southern Rajasthan, Ratlam Jhabua, Alirajpur, Dhar, Petlawad, etc. of Madhya Pradesh, while the eastern districts of Gujarat include Panchmahal Godhra, Dahod and Dang southern districts and the northern districts of Maharashtra comprising Nashik, Dhule.

संथाल भारत में सबसे बड़ा आदिवासी समुदाय है, जो मुख्य रूप से झारखंड, पश्चिम बंगाल, बिहार, उड़ीसा और असम राज्यों में रहते हैं। पड़ोसी बांग्लादेश में एक महत्वपूर्ण संथाल अल्पसंख्यक और नेपाल में एक छोटी आबादी भी है। भील दूसरे नंबर पर आते हैं।

भील मध्य भारत की एक जनजाति का नाम है। भील जनजाति भारत की सर्वाधिक विस्तृत क्षेत्र में फैली हुई जनजाति है। प्राचीन समय में यह लोग मिश्र से लेकर लंका तक फैले हुए थे । भील जनजाति के लोग भील भाषा बोलते है। भील जनजाति को ” भारत का बहादुर धनुष पुरुष ” कहा जाता है[8]भारत के प्राचीनतम जनसमूहों में से एक भीलों की गणना पुरातन काल में राजवंशों में की जाती थी, जो विहिल वंश के नाम से प्रसिद्ध था। इस वंश का शासन पहाड़ी इलाकों में था [9]।भील शासकों का शासन मुख्यत मालवा ,दक्षिण राजस्थान ,गुजरात ,ओडिशा और महाराष्ट्र में था । भील गुजरात, मध्य प्रदेश,छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और राजस्थान में एक अनुसूचित जनजाति है। अजमेर में ख्वाजा मोईनुद्दीन हसन चिश्ती की दरगाह के खादिम भी भील पूर्वजों के वंशज हैं। भील त्रिपुरा और पाकिस्तान के सिन्ध के थारपरकर जिले में भी बसे हुये हैं। भील जनजाति भारत समेत पाकिस्तान तक विस्तृत रूप से फैली हुई है। प्राचीन समय में भील जनजाति का शासन शिवी जनपद जिसे वर्तमान में मेवाड़ कहते है , स्थापित था , जब सिकंदर ने मिनांडर के जरिए भारत पर आक्रमण किया तब पंजाब और शिवी जनपद के भील शासकों ने विश्वविजेता सिकंदर को भारत में प्रवेश नहीं करने दिया , सिकंदर को वापस जाना पड़ा।

राजस्थान में राणा पूंजा भील जी को याद किया जाता है , जिन्होंने महाराणा प्रताप के साथ मिलकर मुगलों के छक्के छुड़ा दिए। 1576 ई. के हल्दीघाटी युद्ध में राणा पूंजा ने अपनी सारी ताकत देश की रक्षा के लिए झोंक दी। हल्दीघाटी के युद्ध के अनिर्णित रहने में गुरिल्ला युद्ध प्रणाली का ही करिश्मा था, जिसे पूंजा भील के नेतृत्व में काम में लिया गया। इस युद्ध के बाद कई वर्षों तक मुग़लों के आक्रमण को विफल करने में भीलों की शक्ति का अविस्मरणीय योगदान रहा तथा उनके वंश में जन्मे वीर नायक पूंजा भील के इस युगों-युगों तक याद रखने योग्य शौर्य के संदर्भ में ही मेवाड़ के राजचिन्ह में एक ओर राजपूत तथा एक दूसरी तरफ भील प्रतीक अपनाया गया है। यही नहीं इस भील वंशज सरदार की उपलब्धियों और योगदान की प्रमाणिकता के रहते उन्हें ‘राणा’ की पदवी महाराणा द्वारा दी गई। अब राजा पूंजा भील ‘राणा पूंजा भील’ कहलाये जाने लगे। वास्तव में वे सच्चे देश सेबक थे। मेवाड़ और मेयो कॉलेज के राज चिन्ह पर भील योद्धा का चित्र अंकित है। बहुत से भील भारत में भील रेजिमेंट चाहते हैं। साथ ही साथ भील कई वर्षों से खुद का एक अलग राज्य भील प्रदेश की मांग कर रहे हैं

भील, मध्य भारत की एक जनजाति का नाम है जो कि मुख्य रूप से राजस्थान, गुजरात,मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और त्रिपुरा में फैली हुई है.इस प्रकार यह भील जनजाति भारत की सर्वाधिक विस्तृत क्षेत्र में फैली हुई जनजाति है.

भील शब्द की उत्पत्ति “वील” से हुई है जिसका द्रविड़ भाषा में अर्थ होता हैं “धनुष”. भील जनजाति को “भारत का धनुष पुरुष ” कहा जाता है क्योंकि ये धनुष विद्या में बहुत माहिर होते हैं.

भील जाति दो प्रकार से विभाजित है-

1. उजलिया/क्षत्रिय भील:- उजलिया भील मूल रूप से वे क्षत्रिय है जो मुगल आक्रमण के समय जंगलों में चले गए थे.

2. लंगोट भील:-ये वनों में रहने वाले मूल भील है इनके रीति रिवाज आज भी पुराने है.ये मुख्यतः मध्य प्रदेश में रहते हैं.
राजस्थान में राणा पूंजा भील जी को याद किया जाता है जिन्होंने महाराणा प्रताप के साथ मिलकर मुगलों के छक्के छुड़ा दिए थे. मेवाड़ और मेयो कॉलेज के राज चिन्ह पर भील योद्धा का चित्र अंकित है.

वर्ष 2013 तक भील समुदाय भारत में सबसे बड़ा जनजातीय समुदाय था जिसकी कुल जनसंख्या 1.7 करोड़ थी.

भील समुदाय के महत्वपूर्ण लोग इस प्रकार हैं;

1. सरदार हेमसिंह भील
2. तांत्या भील
3. दीवालीबेन भीली
4. नानक भील
5. सरदार हिरिया भील
6. कृष्ण भीली

भील राज्य की मांग क्यों और कहाँ उठ रही है? (Why demand of Bhil State)

भारत में भील राज्य बनाने की मांग मुख्य रूप से राजस्थान मध्य प्रदेश और गुजरात के ट्राइबल बेल्ट से उठ रही है. ये लोग चाहते हैं कि जिन जगहों से भील समुदाय के लोगों को भगा दिया गया था वहां पर उन्हें वापस बसाया जाये ताकि ये लोग अपने अधिकारों और पहचान को दुबारा प्राप्त कर सकें. इन लोगों की यह भी मांग है कि नेचुरल रिसोर्सेज पर पहला हक़ आदिवासी समुदायों का होना चाहिए.

भील राज्य को राजस्थान,गुजरात मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के कुछ जिलों को मिलाकर बनाने की मांग की जा रही है. ये जिले दक्षिणी राजस्थान के जिले डूंगरपुर, बांसवाडा, प्रतापगढ़, मध्य प्रदेश के रतलाम झाबुआ,अलिराजपुर, धार, पेटलावाद, इत्यादि जबकि गुजरात के पूर्वी जिले पंचमहल गोधरा, दाहोद और दक्षिणी जिला डांग और महाराष्ट्र के उत्तरी जिले जिसमें नाशिक, धुले आते हैं.

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