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The Nagarjuna Sagar Project is constructed on the river / नागार्जुन सागर परियोजना का निर्माण नदी पर किया गया है

The Nagarjuna Sagar Project is constructed on the river / नागार्जुन सागर परियोजना का निर्माण नदी पर किया गया है

 

(1) Kaveri / कावेरी
(2) Krishna / कृष्ण
(3) Godavari / गोदावरी
(4) Indus / सिंधु

(SSC Combined Matric Level (PRE) Exam. 13.05.2001)

Answer / उत्तर : – 

(2) Krishna / कृष्ण

Explanation / व्याख्यात्मक विवरण :-

The Nagarjunasagar Dam is the world’s largest masonry dam at the time of its construction, which is built across Krishna River at Nagarjunasagar in Guntur and Nalgonda districts of Andhra Pradesh. It was the earliest in the series of large infrastructure projects initiated for the Green Revolution in India; it also is one of the earliest multi-purpose irrigation and hydro-electric projects in India.

Nagarjuna Sagar Dam Project is a major river valley project located in the state of Telangana, India. It is named after the Buddhist scholar Nagarjuna. The construction of this dam was conceived in 1903 during the British Raj. The foundation of this dam was laid by the then Prime Minister Pandit Jawaharlal Nehru on 10 December 1955.

He said this at that time.

“When I lay the foundation stone here of this Nagarjunasagar, to me it is a sacred ceremony”. This is the foundation of the temple of humanity of India, i.e. symbol of the new temples that we are building all over India”.

Nagarjuna Dam is located on the Krishna River, 150 km from Hyderabad. Its construction was completed in 1966. Water was released for the first time in both its canals on 4 August 1967 by former Prime Minister Indira Gandhi. The Nagarjuna Sagar Lake created by this dam is the third largest man-made lake in the world. The world’s largest artificial lake is Govind Vallabh Pant Sagar Lake, which is on the border of Uttar Pradesh and Madhya Pradesh.

नागार्जुनसागर बांध अपने निर्माण के समय दुनिया का सबसे बड़ा चिनाई वाला बांध है, जो आंध्र प्रदेश के गुंटूर और नलगोंडा जिलों के नागार्जुनसागर में कृष्णा नदी पर बनाया गया है। यह भारत में हरित क्रांति के लिए शुरू की गई बड़ी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की श्रृंखला में सबसे पहला था; यह भारत में शुरुआती बहुउद्देश्यीय सिंचाई और जल विद्युत परियोजनाओं में से एक है।

नागार्जुन सागर बाँध परियोजना भारत के तेलंगाना राज्य में स्थित एक प्रमुख नदी घाटी परियोजना हैं।इसका नामकरण बौद्ध विद्वान नागार्जुन जी के नाम पर की गई है। इस बाँध को बनाने की परिकल्पना १९०३ में ब्रिटिश राज के समय की गयी थी। १० दिसम्बर १९५५ में इस बाँध की नींव तत्कालीन प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू ने रखी थी।

उन्होने उस समय यह कहा था।

“When I lay the foundation stone here of this Nagarjunasagar, to me it is a sacred ceremony”. This is the foundation of the temple of humanity of India, i.e. symbol of the new temples that we are building all over India”.

नागार्जुन बाँध हैदराबाद से 150 किमी दूर, कृष्णा नदी पर स्थित है। इसका निर्माण १९६६ में पूरा हुआ था। ४ अगस्त १९६७ में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी द्वारा इसकी दोनों नहरों में पहली बार पानी छोड़ा गया था। इस बाँध से निर्मित नागार्जुन सागर झील दुनिया की तीसरी सब से बड़ी मानव निर्मित झील है। विश्व की सबसे बड़ी कृत्रिम झील गोविन्द वल्लभ पंत सागर झील है, जो उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के सीमा पर है।

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