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Which of the following lines does not demarcate any part of India’s international boundary? / निम्नलिखित में से कौन सी रेखा भारत की अंतर्राष्ट्रीय सीमा के किसी भी भाग का सीमांकन नहीं करती है?

Which of the following lines does not demarcate any part of India’s international boundary? / निम्नलिखित में से कौन सी रेखा भारत की अंतर्राष्ट्रीय सीमा के किसी भी भाग का सीमांकन नहीं करती है?

 

(1) Radcliffe Line / रैडक्लिफ रेखा
(2) McMohan Line / मैकमोहन रेखा
(3) Sir Creek Line / सर क्रीक लाइन
(4) Durand Line / डूरंड रेखा

(SSC Combined Matric Level (PRE) Exam.12.05.2002)

Answer / उत्तर : –

(4) Durand Line / डूरंड रेखा

डूरंड रेखा: अफगानिस्तान और पाकिस्तान - Drishti IAS

Explanation / व्याख्यात्मक विवरण :-

The Durand Line refers to the 2,640 kilometers long porous border between Pakistan and Afghanistan. It was established after an 1893 agreement between Mortimer Durand of British India and Afghan Amir Abdur Rahman Khan for fixing the limit of their respective spheres of influence. It is named after Mortimer Durand who was the Foreign Secretary of colonial British India at the time.

The Durand Line, established in 1893 AD in the Hindu Kush, passed through tribal areas of Afghanistan and British India, outlining their areas of influence. In modern times, this line is the boundary line between Afghanistan and Pakistan. 

  • The line was named after Sir Mortimer Durand, who had persuaded the Amir of Afghanistan Abdur Rahman Khan to consider it a boundary line. Perhaps this can be called a solution to the Indo-Afghan border problem for the rest of the British period.
  • In 1849, after the capture of Punjab, the British army randomly shifted the designated Sikh border to the west of the Indus River, leaving a strip of territory between them and the Afghans, where various Pashto (Pakhtun) tribes lived. Were. This area always remained a problem when it came to administration and defence. Some of the British, who believed in staying afloat, wanted to settle in the Indus Valley. Some modern minded people wanted to move from Kabul to Ghazni via Kandahar.
  • With the Second Indo-Afghan War (1878–1880 AD), the modern thinking became lighter and the influence of different classes in the tribal area became almost equal. Britain, after facing many tribal wars, spread its authority through indirect rule till the Durand Line. The Afghans did not make any changes to the territories on their side.
  • In the middle of the 20th century, the Pashtun freedom movement broke out on both sides of the line and independent Pakhtunistan was established.
  • In the year 1980, about 75 lakh Pashtuns were living in the areas around the Durand Line.

डूरंड रेखा पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच 2,640 किलोमीटर लंबी झरझरा सीमा को संदर्भित करती है। यह ब्रिटिश भारत के मोर्टिमर डूरंड और अफगान अमीर अब्दुर रहमान खान के बीच अपने-अपने प्रभाव क्षेत्रों की सीमा तय करने के लिए 1893 के समझौते के बाद स्थापित किया गया था। इसका नाम मोर्टिमर डूरंड के नाम पर रखा गया है जो उस समय औपनिवेशिक ब्रिटिश भारत के विदेश सचिव थे।

डूरण्ड रेखा 1893 ई. में हिन्दुकुश में स्थापित सीमा रेखा, जो अफ़ग़ानिस्तान और ब्रिटिश भारत के जनजातीय क्षेत्रों से उनके प्रभाव वाले क्षेत्रों को रेखांकित करती हुई गुज़रती थी। आधुनिक काल में यह रेखा अफ़ग़ानिस्तान और पाकिस्तान के बीच की सीमा रेखा है।[1]

  • इस रेखा का नाम सर मॉर्टिमेर डूरंड, जिन्होंने अफ़ग़ानिस्तान के अमीर अब्दुर रहमान ख़ां को इसे सीमा रेखा मानने पर राज़ी किया था, के नाम पर पड़ा था। संभवत: इसे भारत-अफ़ग़ान सीमा समस्या का, शेष ब्रिटिश काल के लिए समाधान कहा जा सकता है।
  • वर्ष 1849 में पंजाब पर क़ब्ज़ा कर लेने के बाद ब्रिटिश सेना ने बेतरतीबी से निर्धारित सिक्ख सीमा को सिंधु नदी के पश्चिम की तरफ़ खिसका दिया, जिससे उनके और अफ़ग़ानों के बीच एक ऐसे क्षेत्र की पट्टी रह गई, जिसमें विभिन्न पश्तो (पख़्तून) क़बीले रहते थे। प्रशासन और रक्षा के सवाल पर यह क्षेत्र हमेशा एक समस्या बना रहा। कुछ ब्रिटिश, जो टिककर रहने में यक़ीन रखते थे, सिंधु घाटी में बस जाना चाहते थे। कुछ आधुनिक विचारों वाले लोग क़ाबुल से ग़ज़नी के रास्ते कंधार चले जाना चाहते थे।
  • दूसरे भारत-अफ़ग़ान युद्ध (1878-1880 ई.) से आधुनिक सोच वालों का पलड़ा हल्का हो गया और जनजातीय क्षेत्र में विभिन्न वर्गों का प्रभाव लगभग बराबर सा हो गया। ब्रिटेन ने अनेक जनजातीय युद्ध झेलकर डूरण्ड रेखा तक अप्रत्यक्ष शासन द्वारा अपना अधिकार फैला लिया। अफ़ग़ानों ने अपनी तरफ़ के क्षेत्रों में कोई बदलाव नहीं किया।
  • 20वीं शताब्दी के मध्य में रेखा के दोनों ओर के इलाक़ों में पख़्तूनों का स्वाधीनता आंदोलन छिड़ गया और स्वतंत्र पख़्तूनिस्तान की स्थापना हो गई।
  • वर्ष 1980 में डूरण्ड रेखा के आसपास के इलाक़ों में लगभग 75 लाख पख़्तून रह रहे थे।

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