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Which of the following Train runs between New Delhi and Wagah ? / निम्नलिखित में से कौन सी ट्रेन नई दिल्ली और वाघा के बीच चलती है?

Which of the following Train runs between New Delhi and Wagah ? / निम्नलिखित में से कौन सी ट्रेन नई दिल्ली और वाघा के बीच चलती है?

 

(1) Shatabdi Express / शताब्दी एक्सप्रेस
(2) Thar Express / थार एक्सप्रेस
(3) Maitree Express / मैत्री एक्सप्रेस
(4) Samjhauta Express / समझौता एक्सप्रेस

(SSC (10+2) Level Data Entry Operator & LDC Exam. 28.10.2012)

Answer / उत्तर : –

(4) Samjhauta Express / समझौता एक्सप्रेस

 

समझौता एक्सप्रेस' बंद कर शेख रशीद ने भारत नहीं, पाकिस्तान का नुकसान किया है - After Modi Government Abolished 370 in kashmir Pakistan Railway Minister Sheikh Rasheed Suspending Samjhauta ...

 

Explanation / व्याख्यात्मक विवरण :-

The Samjhauta Express is a twice-weekly train – Tuesdays and Fridays – that runs between Delhi and Attari in India and Lahore in Pakistan.

Samjhauta Express is an Indian-Pakistan Train Service.

Samjhauta Express is a train running between India and Pakistan.

Samjhauta Express was started on 22 July 1976 between Attari-Lahore. The Samjhauta Express covers a distance of only 3 km between Attari-Wagah.

The rail route from Attari to Lahore was already in existence, so there was no major impediment in starting the Samjhauta Express.

  • Samjhauta Express is a train running between India and Pakistan. In India, this train travels from Delhi to Attari Shyam Singh Railway Station in Punjab.
  • From Attari, the engine of Pakistan Railways takes this train to Lahore via Wagah.
  • During this, the Border Security Force personnel monitor it with a horse cart. Later on, they also keep checking the tracks.
  • This train from India used to run twice a week on Wednesdays and Sundays from Old Delhi Railway Station at 11.10 pm.
  • For this, a separate platform has also been built at Old Delhi Railway Station.
  • There is a thorough security check of the passengers before entering this train. Only after this the passengers are able to sit in the train.
  • Samjhauta Express has a total of six sleeper coaches and one air-conditioned third class (3rd AC) coach.
  • There is no stoppage of this train till Attari after leaving Delhi.
  • It is said that it is preferred over Rajdhani Express, Shatabdi Express and other major trains of
  • Indian Railways so that there is no delay in it.
  • Samjhauta Express reaches India on Mondays and Thursdays while returning from Lahore. During this time the loco pilots and guards of this train are not changed.
  • This was not the first time that the Samjhauta Express has been stopped due to the tension between India and Pakistan.
  • Earlier on December 13, 2001, the Samjhauta Express was stopped even after the attack on Parliament.
  • This train was also stopped after the Benazir Bhutto attack on 27 December 2007.
History of Samjhauta Express

The history of Samjhauta Express is 43 years old. It started after the Shimla Agreement in 1971.
After the Indo-Pak war, an agreement was signed between the then Prime Minister Indira Gandhi and Zulfikar Ali Bhutto in Shimla. At the same time, it was agreed to start the rail service between the two countries.
Even before partition, there was rail service between India and Pakistan. But during the Indo-Pak war of 1965, the railway tracks were uprooted by the soldiers of the army.
On 22 July 1976, it was decided to start the Samjhauta Express between Attari-Lahore.
Initially it was run daily. But in 1994 its operation was reduced to two days a week.
Initially, this train used to return to India on the day of operation, but later it started returning to India the next day.

समझौता एक्सप्रेस दो बार साप्ताहिक ट्रेन है – मंगलवार और शुक्रवार – जो भारत में दिल्ली और अटारी और पाकिस्तान में लाहौर के बीच चलती है।

समझौता एक्सप्रेस एक भारतीय- पाकिस्तान रेलगाड़ी सर्विस है।

समझौता एक्सप्रेस भारत एवं पाकिस्तान के मध्य चलने वाली रेलगाड़ी है

समझौता एक्सप्रेस 22 जुलाई 1976 को अटारी-लाहौर के बीच शुरू हुई थी। समझौता एक्सप्रेस अटारी-वाघा के बीच केवल तीन किमी का रास्ता तय करती है।

अटारी से लेकर लाहौर तक रेल मार्ग पहले से मौजूद था, इसलिए समझौता एक्सप्रेस को शुरू करने में कोई विशेष रुकावट नहीं आई।

  • समझौता एक्सप्रेस भारत और पाकिस्तान के बीच चलने वाली ट्रेन है। भारत में यह ट्रेन दिल्ली से पंजाब के अटारी श्यामसिंह रेलवे स्टेशन तक जाती है।
  • अटारी से इस ट्रेन को पाकिस्तान रेलवे का इंजन वाघा होते हुए लाहौर तक ले जाता है।
  • इस दौरान सीमा सुरक्षा बल के जवान घोड़ागाड़ी से इसकी निगरानी करते हैं। आगे-आगे चलकर पटरियों की पड़ताल भी करते चलते है।
  • भारत से यह ट्रेन सप्ताह में दो बार बुधवार व रविवार को पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन से रात 11.10 बजे चलती थी।
  • इसके लिए पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन पर अलग से प्लेटफॉर्म भी बनाया गया है।
  • इस ट्रेन में दाखिल होने से पहले मुसाफिरों की गहन सुरक्षा जांच की जाती है। इसके बाद ही यात्री ट्रेन में बैठ पाते हैं।
  • समझौता एक्सप्रेस में कुल छह शयनयान (Sleeper Coach) और एक वातानुकूलित तृतीय श्रेणी (3rd AC) कोच है।
  • दिल्ली से निकलने के बाद अटारी तक इस ट्रेन का कोई स्टॉपेज नहीं है।
  • बताया जाता है कि इसे भारतीय रेल की राजधानी एक्सप्रेस, शताब्दी एक्सप्रेस व अन्य प्रमुख ट्रेनों के ऊपर तरजीह दी जाती है ताकि इसमें कोई देर ना हो।
  • लाहौर से वापसी के समय समझौता एक्सप्रेस भारत में सोमवार और गुरुवार को पहुंचती है। इस दौरान इस ट्रेन के लोको पायलट और गार्ड नहीं बदले जाते हैं।
  • ये पहला मौका नहीं था जब समझौता एक्सप्रेस को भारत-पाक में तनाव की सुगबुहाट पर ही रोक लगा दी गई हो।
  • इससे पहले 13 दिसंबर 2001 को संसद पर हमले के बाद भी समझौता एक्सप्रेस रोक दी गई थी।
  • 27 दिसंबर 2007 को बेनजीर भुट्टो हमले के बाद भी इस ट्रेन को रोक दिया गया था।
समझौता एक्सप्रेस का इतिहास
  • समझौता एक्सप्रेस का इतिहास 43 साल पुराना है। इसकी शुरुआत 1971 में शिमला समझौता के बाद हुई थी।
  • भारत-पाक युद्ध के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और जुल्फिकार अली भुट्टो के बीच शिमला में समझौता हुआ था। वहीं दोनों देशों के बीच रेल सेवा को शुरू करने पर सहमति बनी थी।
  • बंटवारे के पहले भी भारत और पाकिस्तान के बीच रेल सेवा थी। लेकिन 1965 के भारत-पाक युद्ध के दौरान सेना के जवानों ने रेल की पटरियां उखाड़ दी थीं।
  • 22 जुलाई 1976 को अटारी-लाहौर के बीच समझौता एक्सप्रेस को शुरू करने का फैसला किया गया था।
  • शुरुआत में इसे रोज चलाया जाता था। लेकिन 1994 में इसके संचालन को हफ्ते में दो दिन ही कर दिया गया था।
  • शुरुआत में ये ट्रेन संचालन के दिन ही भारत भी लौट आती थी, लेकिन बाद में यह अगले दिन भारत लौटने लगी।

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