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Which one of the following is the origin of the Brahmaputra river? / निम्नलिखित में से कौन ब्रह्मपुत्र नदी का उद्गम स्थल है?

Which one of the following is the origin of the Brahmaputra river? / निम्नलिखित में से कौन ब्रह्मपुत्र नदी का उद्गम स्थल है?

 

(1) Milam / मिलाम
(2) Gangotri / गंगोत्री
(3) Yamunotri / यमुनोत्री
(4) Chemayungdung / चेमायुंगडुंग

(SSC Multi-Tasking Staff Exam. 10.03.2013)

Answer / उत्तर : – 

(4) Chemayungdung / चेमायुंगडुंग

Explanation / व्याख्यात्मक विवरण :-

The Brahmaputra, one of the largest rivers of the world, has its origin in the Chemayungdung glacier of the Kailash range near the Mansarovar lake.

Brahmaputra:

It is known as Siang or Dihang at its place of origin, which originates from Chemayungdung glacier of Mount Kailash near Lake Mansarovar. It enters India west of the town of Sadiya in Arunachal Pradesh.

Tributaries:

Its major tributaries are Dibang, Lohit, Siang, Budhi Dihing, Teesta and Dhansari.
It is a perennial river, which is endowed with many unique features due to its geography and specific climatic conditions.
There is a flood situation twice a year. The first occurs due to the melting of Himalayan snow in summer and the second due to the flow of monsoon.
Recently the frequency of these floods has increased. The vulnerability of these floods has increased due to climate change and the effects of high and low flows.
This is a matter of concern from the point of view of population and food security in the low-lying states of India and Bangladesh.
Due to the dynamic landslides and geological activities of the river, changes are often seen in the course of the river.

विश्व की सबसे बड़ी नदियों में से एक ब्रह्मपुत्र का उद्गम मानसरोवर झील के पास कैलाश श्रेणी के चेमायुंगडुंग ग्लेशियर से हुआ है।

ब्रह्मपुत्र:

इसे उत्पत्ति स्थल पर सियांग या दिहांग के नाम से जाना जाता है, जिसका उद्गम मानसरोवर झील के पास कैलाश पर्वत के चेमायुंगडुंग (Chemayungdung) ग्लेशियर से है। यह अरुणाचल प्रदेश के सदिया शहर के पश्चिम में भारत में प्रवेश करती है।
सहायक नदियाँ:
इसकी प्रमुख सहायक नदियाँ दिबांग, लोहित, सियांग, बुढ़ी दिहिंग, तीस्ता और धनसरी हैं।
यह एक बारहमासी नदी है, जो अपने भूगोल और विशिष्ट जलवायु परिस्थितियों के कारण अनेक विलक्षण विशेषताओं से युक्त है।
इसमें वर्ष में दो बार बाढ़ की स्थिति रहती है। पहली, गर्मियों में हिमालयी हिम के पिघलने के कारण और दूसरी मानसून के प्रवाह के कारण उत्पन्न होती है।
हाल ही में इन बाढ़ों की आवृत्ति बढ़ गई है। जलवायु परिवर्तन तथा उच्च एवं निम्न प्रवाह के प्रभाव के कारण इन बाढ़ों की विनाशकता बढ़ गई है।
यह भारत और बांग्लादेश के निचले राज्यों में जनसंख्या और खाद्य सुरक्षा के दृष्टिकोण से चिंता का विषय है।
नदी की गतिशील भूस्खलन और भूगर्भीय गतिविधियों के कारण प्राय: नदी मार्ग में परिवर्तन देखने को मिलता है।

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