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Which place is said to be the Manchester of South India? / दक्षिण भारत का मैनचेस्टर किसे कहा जाता है?

Which place is said to be the Manchester of South India? / दक्षिण भारत का मैनचेस्टर किसे कहा जाता है?

 

(1) Coimbatore / कोयंबटूर
(2) Salem / सलेम
(3) Thanjavur / तंजावुर
(4) Madurai / मदुरै

(SSC CGL Tier-I (CBE) Exam. 02.09.2016)

Answer / उत्तर : –

(1) Coimbatore / कोयंबटूर

 

Why is Coimbatore called the Manchester of South India? - Quora

 

Explanation / व्याख्यात्मक विवरण :-

Coimbatore in Tamil Nadu is often referred to as the “Manchester of South India” due to its cotton production and textile industries. It is also referred to as the “Pump City” as it supplies nearly half of India’s requirements of motors and pumps. Coimbatore a major hub for textiles, industries, commerce, education, information technology, and manufacturing in Tamil Nadu.

Three cities of India are famous by the name Manchester of India. Second, Manchester of northern India is called Kanpur city of Uttar Pradesh state and Manchester of South India is called Coimbatore in Tamil Nadu. The origin of India, Manchester Ahmedabad is located in a state which is situated on the seashore, which is the highest place in terms of trade. Gujarat is situated on the banks of the Arabian Sea. But do you know what is the meaning of Manchester?

Manchester is considered by many to be an area where jobs are plentiful, although this is true because the word is associated with the industrial sector, but the completeness is not correct because Manchester is not a word but the name of a city.

The city named Manchester is settled in England and is famous for the textile industry. It is the stronghold of the textile sector in Europe. The story of this name’s association with India starts from the time when India was under British rule. .

In fact, during the time of the British Raj, indigenous cloth was sold in India, due to this, most of the industries in India were of hand-woven fabrics and the cloth merchants used to sell this cloth in the country and run their industries. But British companies started spreading European cloth to India with the help of their government to increase their industry, this cloth was brought from Manchester and was cheaper than Indian indigenous cloth.

The reason for its cheapness was that it was made by machines in which less labor was spent. In India, clothes were made by hand, due to which the expenditure was high due to the large number of laborers who made them. The cloth brought from Manchester by the British government gradually started becoming popular in the market, while Indian traders could not reduce the price of cloth made in India, as a result the trade of indigenous cloth in the Indian market started shrinking.

After that a textile industry was started in Ahmedabad, Gujarat, the date of its beginning was 30 May 1861, modern machine was installed in it, so that now the cloth started to be made in machines. By the time of the departure of the British in the year 1947, Ahmedabad had become a leader in the clothing industry and now Ahmedabad was called by the name Manchester which was popular among the people of India.

Thus, being a pioneer in the clothing industry, Ahmedabad came to be known as the Manchester of India. Gradually, Kanpur and Coimbatore also got this name and two cities in northern and southern India came to be known as Manchester. Apart from this, Bhilwara became the Manchester of Rajasthan and Osaka became the Manchester of Japan at the global level.

Gujarat state produces 10 million tonnes of cloth every year in collaboration with Ahmedabad, which is the highest among any state in India. The history of modern textile industry in Gujarat is 150 years old. Ranchodlal Chhotalal is considered as the father of textile industry in India as he started the first modern textile mill in Ahmedabad.

तमिलनाडु में कोयंबटूर को अक्सर कपास उत्पादन और कपड़ा उद्योगों के कारण “दक्षिण भारत का मैनचेस्टर” कहा जाता है। इसे “पंप सिटी” के रूप में भी जाना जाता है क्योंकि यह भारत की मोटरों और पंपों की लगभग आधी आवश्यकताओं की आपूर्ति करता है। कोयंबटूर तमिलनाडु में कपड़ा, उद्योग, वाणिज्य, शिक्षा, सूचना प्रौद्योगिकी और विनिर्माण का एक प्रमुख केंद्र है।

भारत का मैनचेस्टर नाम से भारत के तीन शहर प्रसिद्ध है पहला पूरे भारत का मैनचेस्टर गुजरात राज्य के शहर अहमदाबाद को कहा जाता है। दूसरा उत्तरी भारत का मैनचेस्टर उत्तर प्रदेश राज्य के कानपुर शहर को कहा जाता है तथा दक्षिण भारत का मैनचेस्टर तमिलनाडु के कोयम्बटूर को कहा जाता है। भारत का मूल मैनचेस्टर अहमदाबाद ऐसे राज्य में स्थित है जो समुंद्र के किनारे पर बसा हुआ है जो कि व्यापार के लिहाज से सर्वोच्च स्थान है। गुजरात अरब सागर के किनारे पर बसा हुआ है। लेकिन क्या आपको पता है कि मैनचेस्टर का अर्थ आखिर होता क्या है।

मैनचेस्टर को बहुत से लोगों द्वारा ऐसा क्षेत्र माना जाता है जहां पर नौकरियों की भरमार हो हालांकि यह सही है क्योंकि यह शब्द औधोगिक क्षेत्र से जुड़ा है परंतु पूर्णता सही नहीं है क्योंकि मानचेस्टर कोई शब्द नहीं बल्कि एक शहर का नाम है।

मानचेस्टर नाम का शहर इंग्लैंड में बसा हुआ है और कपड़ा उद्योग के लिए प्रसिद्ध है यह यूरोप में कपड़ा क्षेत्र (टेक्सटाइल इंडस्ट्री) का गढ़ है इस नाम की भारत से जुड़ने की कहानी उस समय से शुरू होती है जब भारत में ब्रिटिश राज हुआ करता था।

दरअसल ब्रिटिश राज के समय भारत में स्वदेशी कपड़ा बिका करता था इस कारण भारत में अधिकतर उद्योग हाथ से बुने हुए कपड़ों के होते थे तथा कपड़ा व्यापारी यही कपड़ा देश में बेचकर अपने उद्योग चलाते थे। परन्तु ब्रिटिश कंपनियों ने अपना उद्योग बढ़ाने के लिए अपनी सरकार की मदद से यूरोप का कपड़ा भारत में फैलाना शुरू कर दिया यह कपड़ा मैनचेस्टर से लाया जाता था तथा भारतीय स्वदेशी कपड़ों की अपेक्षा सस्ता था।

इसके सस्ते होने का कारण था इसका मशीनों द्वारा बना होना जिसमें कम मजदूर खर्च आता था। भारत में कपड़े हाथों द्वारा बनाए जाते थे इस कारण बनाने वाले मजदूरों की अधिक सँख्या के कारण खर्च अधिक आता था। ब्रिटिश सरकार का मैनचेस्टर से लाया गया कपड़ा धीरे-धीरे बाजार में प्रचलित होना शुरू हो गया जबकि भारतीय व्यापारी भारत में बने कपड़े का मूल्य नहीं घटा सकते थे फलस्वरुप भारतीय बाजार में स्वदेशी कपड़े का व्यापार सिकुड़ने लगा था।

तत्प्श्चात गुजरात के अहमदाबाद में एक कपड़ा उद्योग शुरू किया गया इसकी शुरुआत की तारीख थी 30 मई 1861 इसमें आधुनिक मशीन लगाई गई जिससे अब कपड़ा मशीनों में बनाया जाने लगा। वर्ष 1947 में अंग्रेजों के जाने के समय तक अहमदाबाद कपड़ों के उद्योग में अग्रणी हो चुका था तथा भारत के लोगों में जो मैनचेस्टर नाम प्रचलित था उस नाम से अब अहमदाबाद को पुकारा जाने लगा।

इस प्रकार कपड़े उद्योग में अग्रणी होने के कारण ही अहमदाबाद को भारत का मैनचेस्टर कहा जाने लगा। धीरे-धीरे यह नाम कानपुर और कोयंबतूर को भी मिल गया तथा उत्तरी और दक्षिणी भारत में दो शहरों को मानचेस्टर नाम से जाना जाने लगा। इसके अतिरिक्त भीलवाड़ा राजस्थान का मैनचेस्टर बना तथा वैश्विक स्तर पर ओसाका जापान का मैनचेस्टर बना।

गुजरात राज्य अहमदाबाद के सहयोग से प्रत्येक वर्ष 1 करोड़ 10 लाख टन कपड़े का उत्पादन करता है जो कि भारत के किसी भी राज्य की अपेक्षा सर्वाधिक है। गुजरात में आधुनिक कपड़ा उद्योग का इतिहास 150 साल पुराना है रणछोड़लाल छोटालाल को भारत में कपड़ा उद्योग का जनक माना जाता है क्योंकि अहमदाबाद में पहली आधुनिक कपड़ा मिल इन्होंने ही शुरू की थी।

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