GK MCQ | Indian economy

The profits of Indian–banks operating in foreign countries are a part of / विदेशों में कार्यरत भारतीय-बैंकों का लाभ किसका भाग है?

The profits of Indian–banks operating in foreign countries are a part of / विदेशों में कार्यरत भारतीय-बैंकों का लाभ किसका भाग है?

 

(1) income from entrepreneurship earned from abroad / विदेश से अर्जित उद्यमिता से आय
(2) domestic factor income of India / भारत की घरेलू कारक आय
(3) profits of the enterprises working in domestic territory of India / भारत के घरेलू क्षेत्र में काम कर रहे उद्यमों का लाभ
(4) operating surplus of the banks located in India / भारत में स्थित बैंकों का परिचालन अधिशेष

(SSC CHSL (10+2) DEO & LDC Exam. 16.11.2014)

Answer / उत्तर :-

(1) income from entrepreneurship earned from abroad / विदेश से अर्जित उद्यमिता से आय

Explanation / व्याख्या :-

Net Factor Income from Abroad (NFIA) refers to income generated by nationals abroad in the form of wages, salaries, rent, interest, dividend and profit. It has the following three components: (a) Net compensation of employees; (b) Net income from property i.e., rent, interest and income from entrepreneurship (that is, profits and dividends); and (c) Net retained earnings of the resident companies working in foreign countries. Profits earned by Indian banks functioning abroad come under ‘income from entrepreneurship.’ / विदेश से शुद्ध कारक आय (NFIA) विदेश में नागरिकों द्वारा मजदूरी, वेतन, किराया, ब्याज, लाभांश और लाभ के रूप में उत्पन्न आय को संदर्भित करती है। इसके निम्नलिखित तीन घटक हैं: (ए) कर्मचारियों का शुद्ध मुआवजा; (बी) संपत्ति से शुद्ध आय यानी किराया, ब्याज और उद्यमशीलता से आय (यानी लाभ और लाभांश); और (सी) विदेशों में काम करने वाली निवासी कंपनियों की शुद्ध प्रतिधारित आय। विदेशों में कार्यरत भारतीय बैंकों द्वारा अर्जित लाभ ‘उद्यमिता से आय’ के अंतर्गत आता है।

Similar Posts

Leave a Reply