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Under which plan did the Government introduce an agricultural strategy which gave rise to Green Revolution? / सरकार ने किस योजना के तहत हरित क्रांति को जन्म देने वाली कृषि रणनीति पेश की?

Under which plan did the Government introduce an agricultural strategy which gave rise to Green Revolution? / सरकार ने किस योजना के तहत हरित क्रांति को जन्म देने वाली कृषि रणनीति पेश की?

 

(1) Sixth Five-Year Plan (FYP) / छठी पंचवर्षीय योजना (FYP)
(2) Second FYP / दूसरा एफवाईपी
(3) Fourth FYP / चौथा एफवाईपी
(4) Third FYP / तीसरी एफवाईपी

(SSC Combined Graduate Level Prelim Exam. 27.02.2000)

Answer / उत्तर : – 

(4) Third FYP / तीसरी एफवाईपी

Explanation / व्याख्यात्मक विवरण :-

The Introduction of High-yielding varieties of seeds and the increased use of fertilizers and irrigation are known collectively as the Green Revolution, which provided the increase in production needed to make India self-sufficient in food grains, thus improving agriculture in India. Genetically modified high-yielding wheat was first introduced to India in 1963 by Dr. Norman Borlaug. Third Five-Year Plan (1961–1966) stressed on agriculture and improvement in the production of wheat. Past experience with the previous two Plans had convinced the policy makers that rate of agricultural growth was the main hampering factor on the path to development. The Plan document thus declared that, ‘Agricultural production has, therefore, to be increased to the largest extent feasible.’

What is the Five Year Plan: As you all know, this scheme is started by the Central Government every 5 years for the social and economic development of the people. Under the scheme, the 12th five year plan is going on by the government. The first five year plan was started in India in 1951. And in 2017 the 12th final five year project took place. After this the Modi government has stopped making these schemes. All the five-year plans so far, every plan was made with the main objective such as: industrial development, promoting agricultural development, making the economy dynamic and making people self-dependent, empowered and strong, giving new employment opportunities, etc.

The beginning of the Five Year Plan in India was first started with the tenure of the Prime Minister. The first Prime Minister of the country, Pandit Jawaharlal Nehru presented the first five year plan in the Parliament on 8 July 1951. Jawaharlal Nehru ji took important decisions keeping in view the interest of economic development of the people. Special emphasis was given to the agriculture sector in this project because during that time the problem of shortage of food grains, dams and irrigation remained a serious concern for the people. The first five year plan was very important because after the independence of our country, this plan brought a wave of happiness to all the people, due to which the development of the country was possible.

Third Five Year Plan 1961-1966 (based on John Sandy and Sukhmay Chakraborty model)
It is also called the Gadgil plan, the main objective of the third plan was to make the country’s economy dynamic and the citizens self-reliant. During the Third Five Year Plan there was a war between India and China in 1962, followed by the Indo-Pakistani War in 1965. Due to which the economic system of the country suffered a lot, due to which the purpose of this scheme could not be fulfilled. But still many works were continued such as: development work for agriculture, construction of dams, construction of schools for children of rural areas started under the scheme. Responsibility for works related to development in the states was entrusted. The Green Revolution was started during this plan. Its target was set at 5.6% by the government, but its growth was only 2.84%.

Main Objectives and functions done under the scheme
  • To promote the work of agriculture and production of wheat
  • Work was done to build schools for the education of children in rural areas.
  • Dam and irrigation work continued
  • Cement and chemical fertilizers produced
  • Large quantity of wheat production started in Punjab
    important information

Let us also tell you that after the end of the third plan, no new five year plan was prepared by the government till 1967-1969; Which was named as plan holiday.

Features of Five Year Plans
  • This scheme was started by Prime Minister Jawaharlal Nehru, he presented this scheme on 8 July 1951.
  • The Planning Commission was constituted on 15 March 1950 to carry forward these five year plans.
  • For the development of the country, this scheme is run for 5 years, then for the next 5 years new schemes are set by the government.
  • The main objective of the scheme is to eradicate poverty from the country, to bring employment opportunities to the people, to make everyone self-reliant, to develop the country’s economy.
  • To improve the economic condition of the country as well as to improve and change the lifestyle of the citizens living in the country.
  • The Five Year Plan has been implemented 13 times in the country.
  • Thirteenth Five Year Plan will not be prepared. After the twelfth five year plan, NITI Aayog has presented a draft action plan. In which a 15-year long-term vision document has been prepared. In which a seven-year strategy has been made.

बीजों की अधिक उपज देने वाली किस्मों की शुरूआत और उर्वरकों और सिंचाई के बढ़ते उपयोग को सामूहिक रूप से हरित क्रांति के रूप में जाना जाता है, जिसने भारत को खाद्यान्न में आत्मनिर्भर बनाने के लिए आवश्यक उत्पादन में वृद्धि प्रदान की, इस प्रकार भारत में कृषि में सुधार हुआ। आनुवंशिक रूप से संशोधित उच्च उपज देने वाले गेहूं को पहली बार 1963 में डॉ. नॉर्मन बोरलॉग द्वारा भारत में पेश किया गया था। तीसरी पंचवर्षीय योजना (1961-1966) ने कृषि और गेहूं के उत्पादन में सुधार पर जोर दिया। पिछली दो योजनाओं के पिछले अनुभव ने नीति निर्माताओं को आश्वस्त किया था कि कृषि विकास की दर विकास के मार्ग में मुख्य बाधा कारक थी। इस प्रकार योजना दस्तावेज ने घोषणा की कि, ‘कृषि उत्पादन को, यथासंभव अधिकतम सीमा तक बढ़ाना है।’

पंचवर्षीय योजना क्या है: जैसा की आप सब जानते होंगे केंद्र सरकार द्वारा हर 5 वर्ष में लोगो के सामाजिक और आर्थिक विकास के लिए इस योजना की शुरुवात की जाती है। योजना के अंतर्गत सरकार द्वारा 12वी पंचवर्षीय योजना जारी है। 1951 में भारत में पहली पंचवर्षीय योजना शुरू की गई थी। और 2017 में 12वी अंतिम पंचवर्षीय परियोजना हुई। इसके बाद मोदी सरकार द्वारा इन योजनाओ को बनाना बंद कर दिया है। अभी तक की जितनी पंचवर्षीय योजनाए हुई हर योजना मुख्य उद्देश्य बनाया गया था जैसे: औद्योगिक विकास, कृषि विकास को बढ़ावा देना ,अर्थव्यवस्था को गतिशील बनाना और लोगो को आत्म निर्भर, सशक्त और मजबूत बनाना, नए रोजगार के अवसर देना, आदि।

भारत में पंचवर्षीय योजना का आरम्भ सबसे पहले प्रधानमंत्री के कार्यकाल से शुरू हुई थी। देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने 8 जुलाई 1951 को संसद में पहली पंचवर्षीय योजना को प्रस्तुत किया। जवाहरलाल नेहरू जी ने महत्वपूर्ण निर्णय लोगो के आर्थिक विकास के हित को देखकर लिया। इस परियोजना में कृषि क्षेत्र पर विशेषरूप से ज़ोर दिया गया क्योंकि उस दौरान अनाज की कमी, बाँध व सिंचाई की समस्या लोगो के लिए एक गंभीर चिंता का विषय बना हुआ था। पहली पंचवर्षीय योजना बहुत ही महत्तवपूर्ण थी क्यूंकि हमारे देश के आजाद होने के बाद यह योजना सभी लोगो के लिए एक ख़ुशी की लहर लेकर आयी थी, जिससे देश का विकास होना संभव था।

तीसरी पंचवर्षीय योजना 1961-1966 (जॉन सैण्डी तथा सुखमय चक्रवर्ती मॉडल पर आधारित)
इसे गाडगिल योजना भी कहा जाता है तीसरी योजना का मुख्य उदेश्य देश की अर्थव्यवस्था को गतिशील और नागरिको को आत्मनिर्भर बनाना था। तीसरी पंचवर्षीय योजना के समय 1962 में भारत और चीन के बीच युद्ध हुआ, इसके बाद 1965 में भारत-पाकिस्तान का युद्ध हुआ। जिससे देश की आर्थिक व्यवस्ता को बहुत नुक्सान हुआ जिसके कारण इस योजना का उद्देश्य पूरा नहीं हो सका। परन्तु फिर भी कई कार्य को जारी रखा गया जैसे: कृषि हेतु विकास का कार्य, बाँध बनाने का निर्माण कार्य, योजना के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों के लिए स्कूल बनाने का कार्य शुरू हुआ। राज्यों में विकास सम्बंधित हेतु कार्यो की जिम्मेदारी सौंपी गयी। हरित क्रांति की शुरुआत इसी योजना के समय हुई थी। सरकार द्वारा इसका लक्ष्य 5.6% रखा गया था, लेकिन इसकी वृद्धि केवल 2.84% हुई।

योजना के तहत किये गए मुख्य उद्देश्य एवं कार्य
  • कृषि और गेहूँ के उत्पादन के कार्य को बढ़ावा देना था
  • ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों की शिक्षा के लिए स्कूलों का निर्माण करने का कार्य किया गया
  • बाँध व सिंचाई का कार्य जारी चलता रहा
  • सीमेंट और केमिकल फ़र्टिलाइज़र का उत्पादन किया गया
  • पंजाब में अधिक मात्रा में गेहूँ का उत्पादन शुरू किया गया
    महत्वपूर्ण जानकारी

आपको हम यह भी बता देते है कि तीसरी योजना का कार्यकाल समाप्त होने के बाद, 1967-1969 तक कोई भी नयी पंचवर्षीय योजना सरकार द्वारा नहीं बनायीं गयी; जिसे plan holiday का नाम दिया गया ।

पंचवर्षीय योजनाओं की विशेषताएं

  • यह योजना प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू द्वारा शुरू करवाई गयी, उन्होंने 8 जुलाई 1951 को इस योजना की प्रस्तुति की।
  • योजना आयोग का गठन 15 मार्च 1950 में इन पंचवर्षीय योजना को आगे बढ़ाने के लिए किया गया।
  • देश के विकास के लिए यह योजना 5 साल तक चलायी जाती है, फिर अगले 5 साल के लिए सरकार द्वार नई  योजनाएं निर्धारित की जाती है।
  • योजना का मुख्य उद्देश्य यही है की देश से गरीबी को मिटाना, लोगो के लिए रोजगार के अवसर लाना, सभी को आत्मनिर्भर बनाना, देश का आर्थिक विकास करना है।
  • देश की आर्थिक स्थिति में सुधार करना और साथ ही देश में रहने वाले नागरिको की जीवन शैली में सुधार एवं बदलाव लाना है।
  • देश में पंचवर्षीय योजना 13 बार लागू हो चुकी है।
  • तेहरवीं पंचवर्षीय योजना नहीं बनायीं जाएँगी। बारवीं पंचवर्षीय योजना के बाद निति आयोग ने एक ड्राफ्ट एक्शन प्लान पेश किया है। जिसमे 15 साल का लॉन्ग टर्म संदृश्य प्रलेख (विजन डॉक्यूमेंट) तैयार किया है।जिसमे सात साल की रणनीति (strategy) बनायीं है।

पंचवर्षीय योजनाएं लिस्ट

उम्मीदवार ध्यान दें यहां हम आपको पहली पंचवर्षीय योजना से लेकर तेरहवीं पंचवर्षीय योजना तक जानकारी देने जा रहें है। आप नीचे दी गयी सारणी के माध्यम से आसानी से जानकारी प्राप्त कर सकते है। ये सारणी निम्न प्रकार है –

योजनाएं (five year plan)  वर्ष उद्देश्य
पहली पंचवर्षीय योजना 1951-1956 -कृषि क्षेत्र पर विशेषरूप से जोर दिया गया
-बहुउदेश्य परियोजनाएं शुरू कराई गयी जैसे: हीराकुंड डैम, भाकरा नागल डैम
द्वितीय पंचवर्षीय योजना 1956-1961 औद्योगिक विकास की नीति बनायीं गयी
तीसरी पंचवर्षीय योजना 1961-1966  अर्थव्यवस्था को गतिशील और नागरिको को आत्म निर्भर बनाना 
चौथी पंचवर्षीय योजना 1969-1974 आर्थिक विकास एवं आत्मनिर्भरता को प्राथमिकता दी गई
पांचवी पंचवर्षीय योजना  1974-1979 गरीबी काम करने एवं कृषि उत्पादन और आत्मनिर्भरता पर ज्यादा ध्यान केंद्रित किया गया  
छठी पंचवर्षीय योजना 1980-1985 -देश की आर्थिक विकास और गरीबी को खत्म करने हेतु योजना का मुख्य उद्देश्य था
-इस योजना के तहत NABARD बैंक की स्थापना करवाई गयी
सातवीं पंचवर्षीय योजना 1985-1990 -देश से गरीबी को मिटाना,
-रोजगार के नए अवसर प्रदान करना,
-ग्रामीणों का विकास हेतु कार्य
-सामाजिक सेवा लोगो तक पहुंचना
आठवीं पंचवर्षीय योजना  1992-1997 जनसंख्या में वृद्धि लाना, संस्थाओ का निर्माण करना, पंचायत राज, नगर पालिका, मानव संसाधन की नीव को और अधिक मजबूत बनाना
नवीं पंचवर्षीय योजना  1997-2002 सरकार द्वारा बनायीं गयी संस्थानों को उचित तरीके से उपयोग में लाया जाएं
घरेलु संस्थानों को आत्मनिर्भर बनाना हे इस योजना का उद्देश्य था
दसवीं पंचवर्षीय योजना  2002-2007 -पहला उद्देश्य यह था की प्राथमिक शिक्षा को आगे तक ले जाना
-दूसरा कृषि उत्पादन हेतु कार्य करना
-तीसरा जो ग्रामीण क्षेत्र सही ढंग से विकसित नहीं थे,उन जगहों पर नए रोजगार लोगो को उपलब्ध कराना
ग्यारवीं पंचवर्षीय योजना  2007–2012 -इस योजना के तहत सबसे ज्यादा विकास की गति बढ़ी
-योजना के दौरान प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना, आम आदमी बीमा योजना, राजीव आवासीय योजना का आरम्भ हुआ
बारवीं पंचवर्षीय योजना  2012-2017 -योजना के अंतर्गत आर्थिक विकास के लिए सालाना 10% का लक्ष्य रखा गया
-आर्थिक विकास के लिए ग्यारवीं पंचवर्षीय योजना का लक्ष्य 9% से घटाकर 8.1 कर दिया गया
तेहरवीं पंचवर्षीय योजना  2017–2035 अब पंचवर्षीय योजना नहीं होगी, अब से बनेगा 15 साल का खाका। नीति आयोग करेगी इसका चयन।

 

 

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