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Zojiia pass connects : / जोजिया दर्रा जोड़ता है :

Zojiia pass connects : / जोजिया दर्रा जोड़ता है :

 

(1) Nepal and Tibet / नेपाल और तिब्बत
(2) Leh and Kargil / लेह और कारगिल
(3) Leh and Srinagar / लेह और श्रीनगर
(4) Kashmir and Tibet / कश्मीर और तिब्बत

(SSC (10+2) Level Data Entry Operator & LDC Exam. 21.10.2012)

Answer / उत्तर :-

(3) Leh and Srinagar / लेह और श्रीनगर

Explanation / व्याख्या :-

Zojila Tunne: The Zojila Pass is located on the Srinagar-Kargil-Leh Highway situated at an altitude of 11578 feet. Through this, it is further taken to Ladakh. Zojila Pass is closed in winter. Due to its closure, the strategically important area of ​​Ladakh is completely cut off from the rest of India in winter. There has been a constant demand to connect Ladakh with the rest of India throughout the year and now this demand is going to be realized soon. On 15 October, the Union Minister for Road Transport and Highways Nitin Gadkari started the construction work related to the Zojila Tunnel by conducting the first blast. Explosion means to explode something hard through an explosive. This will be the longest tunnel in Asia. This is a project of about Rs 6800 crore. The length of the Zojila Tunnel is 14.15 km while the length of the approach road is 18.63 km. Thus this project is 32.78 km long.

Timeline of Zojila Tunnel

2005- Zojila Tunnel was envisioned.
2013- Border Roads Organization prepared the Detail Project Report (DPR).
October 2013- Cabinet approved the project.
May 2017- Four private companies L&T, ILFS, Jaypee Infratech and Reliance Infra bid for the construction of the tunnel.
July 2017- IL&FS got the project. The company had placed a bid of Rs 4,899.42 crore for the project and had targeted to complete it in 2,555 days (seven years).
January 2018- The Union Cabinet approved the construction of the tunnel in 5 years.
May 2018- PM Modi laid the foundation.
March 2019- Once again bidding for the tunnel as IL&FS went bankrupt.
June 2020- Bidding started.
August 2020- Megha Engineering and Infrastructure Limited got the work of making the tunnel. This contract is worth 4509.5 crores. The other two major bidders for this project were L&T and IRCON International JV.
October 2020- Union Minister Nitin Gadkari starts the construction of the tunnel by blasting it.

Specialties of Zojila Tunnel

14.15 km long.
It is situated under the Zojila Pass at an altitude of 3 thousand meters.
Through this, not only the common people will get benefit but the army will also get benefit because then their movement from Kargil to Ladakh will be possible throughout the year.
The journey between Srinagar to Leh will be reduced from three hours to just 15 minutes.
On the way from Srinagar to Leh, now the worry of snowfall will end.

Zojila Tunne: जोजिला दर्रा 11578 फीट की ऊंचाई पर स्थित श्रीनगर-कारगिल-लेह हाइवे पर स्थित है. इसी से होकर आगे लद्दाख तक जाया जाता है. सर्दियों में जोजिला दर्रा बंद हो जाता है. इसके बंद होने से सामरिक दृष्टि से अत्यंत महत्त्वपूर्ण क्षेत्र लद्दाख सर्दियों में शेष भारत से पूरी तरह कट जाता है. लद्दाख को वर्ष भर शेष भारत से जोड़ने के लिए लगातार मांग होती रही है और अब जल्द ही यह मांग साकार होने जा रही है. 15 अक्टूबर को केंद्रीय सड़क-परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने जोजिला सुरंग (zojila tunnel) से जुड़े कंस्ट्रक्शन वर्क के लिए पहला विस्फोट कर इसकी शुरुआत कर दिया है. विस्फोट का मतलब यह हुआ कि किसी एक्सप्लोसिव के जरिए कोई कठोर चीज फोड़ना. यह एशिया की सबसे लंबी सुरंग होगी. यह करीब 6800 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट है. जोजिला टनल की लंबाई 14.15 किमी है जबकि एप्रोच रोड की लंबाई 18.63 किमी है. इस प्रकार यह प्रोजेक्ट 32.78 किमी लंबा है.

जोजिला टनल से जुड़ी टाइमलाइन

2005- जोजिला टनल की परिकल्पना की गई.
2013- सीमा सड़क संगठन ने डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की.
अक्टूबर 2013- कैबिनेट ने प्रोजेक्ट को मंजूरी दी.
मई 2017- टनल बनाने के लिए चार प्राइवेट कंपनियों एलएंडटी, आईएलएफएस, जेपी इंफ्राटेक और रिलायंस इंफ्रा ने बोली लगाई.
जुलाई 2017- IL&FS को प्रोजेक्ट मिला. कंपनी ने परियोजना के लिये 4,899.42 करोड़ रुपए की बोली लगाई थी और इसे 2,555 दिनों (सात साल) में पूरा करने का लक्ष्य रखा था.
जनवरी 2018- केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 5 साल में टनल बनाने को मंजूरी दी.
मई 2018- पीएम मोदी ने नींव रखी.
मार्च 2019- एक बार फिर टनल के लिए बोली लगी क्योंकि IL&FS दिवालिया हो गई.
जून 2020- बोली लगाने का काम शुरू हुआ.
अगस्त 2020- मेघा इंजीनियरिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड को टनल बनाने का काम मिला. यह कांट्रैक्ट 4509.5 करोड़ का है. इस प्रोजेक्ट के लिए अन्य दो प्रमुख बिडर्स एलएंडटी और इरकान इंटरनेशनल जेवी थी.
अक्टूबर 2020- केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने विस्फोट कर टनल के निर्माण की शुरुआत की.

जोजिला सुरंग की खासियत

14.15 किमी लंबी है.
3 हजार मीटर की ऊंचाई पर जोजिला दर्रे के नीचे स्थित है.
इसके जरिए न सिर्फ आम लोगों को फायदा मिलेगा बल्कि सेना को भी फायदा मिलेगा क्योंकि तब कारगिल से लद्दाख तक वर्ष भर उनका आवागमन संभव बना रहेगा.
श्रीनगर से लेह के बीच का सफर तीन घंटे से घटकर अब सिर्फ 15 मिनट का रह जाएगा.
श्रीनगर से लेह के रास्ते पर अब बर्फबारी की चिंता खत्म हो जाएगी.

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